चीन सीमा पर सड़क निर्माण तेज करने के लिए लेह लद्दाख में भेजे जा रहे 1500 मजदूर, 24 घंटे चलेगा काम

भारत, चीन के साथ युद्द्ध के मुहाने पर खड़ा है. हालात को देखते हुए भारत सरकार ने चीन से लगती लेह-लद्दाख की सीमा पर सड़क निर्माण में तेजी लाने का फैसला किया गया है. भारत द्वारा सीमाई इलाकों में किये जा रहे इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट को लेकर चीन बौखलाया हुआ है. लेकिन भारत सरकार ने भी साफ़ कर दिया है कि भारत को उसके इलाके में निर्माण करने से कोई नहीं रोक सकता. इसको को देखते हुए बुधवार को गृह मंत्रालय में एक बड़ी बैठक हुई. इस बैठक में बॉर्डर रोड ऑर्गेनाइजेशन (BRO), ITBP, आर्मी, CPWD और गृह मंत्रालय के अधिकारी मौजूद थे. बैठक में निर्णय लिया गया कि सड़क निर्माण में तेजी लायी जायेगी और 24 घंटे काम चलेगा. इसके लिए 1500 मजदूर लेह और लद्दाख में भेजे जायेंगे.

इंडो-चाइना बॉर्डर रोड (ICBR)- फेज 2 के तहत 32 सड़कों का निर्माण भारत-चीन की सीमा पर होना हैझारखण्ड से मजदूरों को लेकर एक स्पेशल ट्रेन निकली थी. खुद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने ट्रेन को हरी झंडी दिखाई थी. लेकिन गलवान घाटी में झड़प की खबर आने के बाद ट्रेन को रोक दिया गया. अब मजदूरों को प्लेन से लेह-लद्दाख में भेजा जायेगा.

बीते 6 सालों में भारत ने चीन से लगती सीमा पर अपने इन्फ्रास्ट्रक्चर को काफी डेवलप किया है. जिससे चीन बौखलाया हुआ है. चीन ने खुद तो बॉर्डर पर सड़क का निर्माण कर लिया है और जब भारत करता है तो आपत्ति जताता है. लेकिन भारत ने भी छेने को दो टूक कह दिया है कि भारत को अपने इलाके में सड़क निर्माण करने का पूरा हक़ है और भारत निर्माण करता रहेगा.



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