चाइना पूरी तरह से है परेशान, बायकॉट से हो जाएगा 30% से 50% तक कम व्यापार, चीनी मीडिया ने किया खुलासा:

पूर्वी लेदर के गलवान घाटी पर हुए भारत और चीन के बीच हिंसक झड़प के बाद भारत के 20 जवान शहीद हो गए थे जिससे भारत में चीन के प्रति पूर्ण पूर्णता आक्रोश फैला हुआ है। आपको बता दें कि इस घटना के बाद भारतीय नागरिकों ने चीनी सामानों का बॉयकॉट करने तथा उसका बहिष्कार करने का फैसला लिया था। इस बात को चाइना ने स्वीकार कर लिया है कि यदि भारत में चीनी सामानों का बिक्री कम हो जाए तो उसे 30 परसेंट से 50 परसेंट तक की नुकसान सहना पड़ेगा।
ग्लोबल टाइम्स के एक लेख में शेनझेन यूनिवर्सिटी 'इंस्टीट्यूट ऑफ बे ऑफ बंगाल स्टडीज' के डायरेक्टर डाय योंगहोंग ने लिखा, ''सीमा पर भारत-चीन सैनिकों में हिंसक झड़प के बाद कुछ नेता और मीडिया के द्वारा लोगों में राष्ट्रवाद को बढ़ावा दिया जा रहा है।
भारत और चीन के बीच कई सालों में मजबूत रिश्ते बने हैं। ऑटो मैन्युफैक्चरिंग, टेलीकॉम्युनिकेशन और फार्माशूटिकल सेक्टर्स में दोनों पक्षों को फायदा मिल रहा है। कई भारतीय उद्योग बॉयकॉट चाइना को नहीं झेल सकते हैं। भारत को विकल्प तलाशने में काफी समय लगेगा और बहुत प्रयास करने की जरूरत होगी। नए उद्योग लगाने होंगे या दूसरे देशों से निवेश लाना पड़ेगा। लेख में उम्मीद जताई गई है कि सीमा पर शांति से दोबारा आर्थिक संबंध पटरी पर लौट आएंगे।

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