आर्टिकल 370 हटने के बाद J&K से आई खुशखबरी, दूसरे राज्य से आकर ये शख्स बने J&K के पहले स्थाई नागरिक

जम्मू और कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाये जाने के करीब 10 महीनों बाद आज पहली बार किसी दुसरे राज्य के निवासी को जम्मू और कश्मीर की स्थाई नागरिकता मिली. बिहार के रहने वाले एक आईएएस अफसर को जम्मू-कश्मीर का पहला डोमिसाइल सर्टिफिकेट दिया गया है. राज्य सरकार के एग्रीकल्चर विभाग में कमिश्नर सेक्रेटरी पद पर तैनात नवीन चौधरी इस वक़्त जम्मू शहर में रहते हैं. वो मूल रूप से बिहार के दरभंगा जिले के रहने वाले हैं. उन्होंने जम्मू के बाहू तहसीलदार कार्यालय में डोमिसाइल सर्टिफिकेट के लिए अप्लाई किया था और गुरुवार को डोमिसाइल सर्टिफिकेट जारी किया.

मोदी सरकार ने मई महीने में केंद्र शासित प्रदेश जम्मू और कश्मीर में डोमिसाइल एक्ट लागू किया था. इस एक्ट के लागू होने के बाद कोई भी व्यक्ति जो कम से कम 15 साल तक जम्मू और कश्मीर में रहा है और 10वीं या 12वीं की परीक्षा यहां के किसी संस्थान से पास कर चुका है, वो जम्मू और कश्मीर का निवासी कहलाने का हकदार होगा. नए डोमिसाइल एक्ट को लागू करने के लिए जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन आदेश 2020 में सेक्शन 3ए जोड़ा गया है.

अभी तक जम्मू और कश्मीर में स्थानीय नागरिक प्रमाण पत्र (पीआरसी) जारी होता था. लेकिन अब से डोमिसाइल सर्टिफिकेट जारी किया जाएगा. डोमिसाइल सर्टिफिकेट जारी करने के लिए 15 दिन का समय निर्धारित किया गया है. इस एक्ट के लागू हो जाने के बाद अब सफाई कर्मचारी, दूसरे राज्यों में शादी करने वाली महिओं के बच्चे और पश्चिमी पाकिस्तान के शरणार्थी भी अब जमू कश्मीर के निवासी कहलाने के हकदार हो जायेंगे. शर्त ये है कि वो डोमिसाइल एक्ट के तहत आने वाले नियमों को पूरा करते हों.



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