उत्तर प्रदेश में नहीं होंगे विश्वविद्यालयों की परीक्षाएं, ऐसे ही प्रोन्नत कर दिया जाएगा 48 लाख मेधावी छात्रों को:

कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक अहम फैसला लिया है उन्होंने कहा है कि उत्तर प्रदेश के विश्वविद्यालयों की परीक्षाओं को रद्द कर दिया जाएगा।सरकार ने परीक्षाएं नहीं कराने के समिति के सुझाव को सैद्धांतिक रूप से मान लिया है, लेकिन सभी विश्वविद्यालयों के लिए एक समान प्रोन्नति का फॉर्मूला तय करने को कहा है। प्रदेश में 18 राज्य विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों के 48 लाख से अधिक विद्यार्थियों पर इसका असर होगा।
उच्च शिक्षा विभाग ने कोरोना संकट के दौरान विश्वविद्यालयों की परीक्षाओं के आयोजन के लिए मेरठ विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो.

समिति ने दूसरे प्रदेशों की तर्ज पर यूपी में भी विश्वविद्यालयों की परीक्षाएं नहीं कराने और विद्यार्थियों को बिना परीक्षा के प्रोन्नत करने का सुझाव दिया है। समिति ने अपनी रिपोर्ट में विद्यार्थियों को प्रोन्नत करने का फॉर्मूला भी दिया है।

प्रदेश में 18 राज्य विश्वविद्यालय, 27 निजी विश्वविद्यालय, 169 राजकीय महाविद्यालय, 331 सहायता प्राप्त महाविद्यालय, 6531 वितविहीन महाविद्यालयों में करीब 48 लाख से अधिक विद्यार्थी अध्ययनरत हैं।

सूत्रों के मुताबिक उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने समिति के अध्यक्ष प्रो. तनेजा से कहा कि कुछ विश्वविद्यालयों में अधिकांश परीक्षाएं संपन्न हो गई थीं तो कुछ में विश्वविद्यालयों में कुछ ही परीक्षाएं हुई हैं। उन्होंने समिति को सभी विश्वविद्यालयों की स्थिति के अनुसार विद्यार्थियों को प्रोन्नत करने का सुझाव तैयार करने को कहा है।

विश्वविद्यालयों की परीक्षाओं के लिए गठित समिति की रिपोर्ट पर दो जुलाई को निर्णय किया जाएगा। अभी हम एक जून को आने वाली केंद्र सरकार की अनलॉक-2 की गाइडलाइन का इंतजार करेंगे। - डॉ. दिनेश शर्मा, उप मुख्यमंत्री

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