उत्तर प्रदेश राज्य के बाल गृह में और 9 बच्चियां कोरोना से संक्रमित, पूरे बाल गृह पर मंडरा रहा है खतरा'आइए पढ़ें विस्तार से:

आपको बता दें कि या घटना उत्तर प्रदेश के कानपुर की है जहां पर स्थित राजकीय बालिका गृह मेंजांच के दौरान 9 बच्चियां कुरौना से संक्रमित पाई गई हैं जिसके बाद बालिका गृह में पूरी तरह से खौफ बना हुआ है।आपको बता दें कि इसके पीछे एक और जांच हुआ था जिसके दौरान उसी बालिका गृह में लगभग 57 बच्चियां कुरौना से ग्रस्त पाई गई थी।
इस पूरे मामले में जिला प्रोबेशन अधिकारी अजीत कुमार को सस्पेंड कर दिया गया है. सरकार की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि शेल्टर होम के संबंध में गलत सूचनाएं फैलाए जाने के खिलाफ एक्शन नहीं लेने और विभाग का पक्ष नहीं रखे जाने के कारण प्रोबेशन अधिकारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाता है। इस घटना के बाद प्रशासन पर कई प्र कार के सवाल उठाए जा रहे हैं जब कुछ लड़कियां पॉजिटिव पाई गई थीं तो उसी वक्त बाकी लड़कियों को आइसोलेट क्यों नहीं किया गया? प्रशासन ने आखिरकार गर्भवती लड़कियों को भी कोरोना संक्रमित लड़कियों के ग्रुप के साथ क्यों रहने दिया?
प्रशासन ने बाकी नेगेटिव लड़कियों को जहां एकांत में रखा है, वहां भी घोर असुविधा है. कानपुर के पनकी इलाके में कानपुर डेवलपमेंट अथॉरिटी के आवासीय परिसर में राजकीय बालिका गृह की तमाम लड़कियों को आइसोलेशन में रखा गया है. इस मामले में अलग-अलग कई टीमों ने जांच शुरू कर दी है जिससे लापरवाही का सच सामने आ सके।

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