यूपी एक मात्र शहर जो अकेले ही चीन को हर साल दे सकता है इतने हजार करोड़ का झटका

लद्दाख के हालात पर भारत में राजनीति तेज हो गई है. भारत के राजनीतिक दल हर मौके पर राजनीति करना जानते हैं. जब सरकार और देश के साथ एकजुटता से खड़े होने का वक़्त है. लद्दाख के गलवान घाटी में हुई झड़प के बाद अब भारत सरकार भी एक्शन में आ गयी है. सेना को तो पहले से ही खुली छूट दी हुई है. वहीँ अभी हाल ही में हुई झड़प के बाद दोनों देशों के बीच तनाव का माहौल बना हुआ है.

जानकारी के लिए बता दें लद्दाख की गलवान घाटी में चीनी सैनिकों के साथ हुई झड़प में भारत के 20 जवान शहीद हो गये थे और वहीँ चीन के भी 40 से ज्यादा सैनिकों के हताहत होने की खबरें आई थी. गलवान घाटी में हुई झड़प के बाद चीनी सामानों के बहिष्कार की मांग उठाना शुरू हो गयी है. ऐसे में आज हम आपको भारत के एक मात्र ऐसे शहर के बारे में बताने जा रहे हैं जहाँ के लोग चीनी सामान का बहिष्कार कर दें तो अकेले चीन को हर साल ढाई हजार करोड़ का झटका लग सकता है.

चीन की अर्थव्यस्था को कमजोर करने के लिए जरुरी होगा कि भारतवासी उसके सामानों का बहिष्कार कर दे. ऐसे में अगर काशीवासी ठान लें तो चीन को हर साल ढाई हजार करोड़ रूपये का नुकसान हो सकता है. दरअसल रोजमर्रा में इस्तेमाल होने वाली चीजों सस्ती होने की वजह से चीनी सामान का अच्छा बाजार है. ऐसा भी नहीं है कि चीन में बन रहे इन सामानों का कोई विकल्प नहीं है.

गौरतलब है कि भारतीय कंपनियों के अलावा एशिया और यूरोप समेत अन्य देशों में बने उत्पाद भी बेहतर विकल्प साबित हो सकते हैं. हालाँकि ये सामान चीनी सामान के मुकाबले थोड़े महंगे भले ही हो सकते हैं लेकिन इनकी गुणवत्ता उनसे बेहतर है. चीन से इस समय भारत में शम, इलेक्ट्रॉनिक्स व इलेक्ट्रिकल वस्तुएं, गिफ्ट आइटम, बेयरिंग, रेडीमेड कपड़े, फर्नीचर का सामान काफी मात्रा में आता है. इलेक्ट्रॉनिक सामान की बात करें तो भारत के अलावा जापान और कोरिया के सामान चीनी उत्पादों को तगड़ी टक्कर दे सकते हैं. वहीँ मोबाइल कंपनी में चीनी कंपनियों का दबदबा है लेकिन कोरिया और फिलीपिंस और भारत की कंपनी के भी बेहतर उत्पाद उपलब्ध हैं.



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