कोरोनिल : दावों से पलट रही पतंजलि, कहा दवा नहीं इम्युनिटी बूस्टर है कोरोनिल

विगत 26 जून को दिव्य फार्मेसी ने निम्स यूनिवर्सिटी के साथ श्वसारी वटी व कोरोनिल लांच किया था. प्रेस कॉन्फ्रेंस में दवाओं से कोरोना मरीजों के ठीक होने का दावा भी किया गया साथ ही यह भी कहा गया की मरीजों पर इनका क्लीनिकल टेस्ट हो चुका है. जहाँ पतंजलि द्वारा कोरोनिल से कोरोना के मरीजों को ठीक किये जाने वाले दावे किये जा  रहे थे वही कुछ ही देर में स्वास्थ्य मंत्रालय के आयुष विभाग ने इन दावों को नकार दिया था.


                आयुष विभाग के अनुसार पतंजलि योगपीठ के पास कोरोना की दवा बनाने का कोई भी आधिकारिक अनुमति या लाइसेंस नहीं है, ये भी स्पष्ट किया गया की आयुष विभाग द्वारा पतंजलि को इम्युनिटी बूस्टर बनाने का लाइसेंस दिया गया है. आयुष विभाग ने पतंजलि द्वारा किये इन दावों को आधार मानते हुए कारण बताओ नोटिस जारी कर एक सप्ताह के अंदर जवाब माँगा था. सोमवार को पतंजलि ने आयुष विभाग को नोटिस का जवाब भेजा. जवाब में पतंजलि की तरफ से कहा गया की "हमने कोरोना की कोई दवा नहीं बनाई और न ही कोरोना किट का प्रचार प्रसार किया है कुछ लोग पतंजलि योग पीठ के खिलाफ साजिश व दुष्प्रचार कर रहे है इसीलिए विवाद बढ़ता जा रहा है हमने कभी भी कोरोना की दवा बनाने व कोरोना का शर्तिया इलाज करने का दावा नहीं किया है हमने दवा सरकारी गाइडलाइन के दायरे में रहकर बनाई है जिससे कोरोना के मरीज ठीक भी हुए हैं."

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