चीन के जंगी जहाजों को अमेरिका ने समुद्र में घेरा, अब चीन को सबक सिखाएगा अमेरिका:

भारत और चीन के बीच हुए आप झड़प के बाद फिर से चीन सभी देशों के निगरानी में आ चुका है। भारत अपने सीमा विवादों के इसलिए बाहर आता था कि उसके द्वारा फैलाया गया एक आप और करोना कुछ सारी दुनिया भुला कर उसके नई हरकतों पर ध्यान दें। परंतु आपको बता दें कि उसके इस हरकत ने जिससे वह अपने सटे सभी देशों की सीमा विवाद पर उलझा है फिर से उसकी पुरानी गलती को उपहार दिया है कोरोना से सबसे अधिक मरने वाले व्यक्ति अमेरिका से संबंध रखते हैं।
भारत के साथ लद्दाख के पहाड़ों पर उलझे चीन ने अब प्रशांत महासागर में अपना पूरा ध्यान केंद्रित करना शुरू कर दिया। क्योंकि अमेरिकी नौसेना के तीन जहाजों ने अब सागर में भी ड्रैगन की चुनौती को बढ़ा दिया है। शुक्रवार को अमेरिका के विदेश मंत्री ने भी साफ कर दिया है कि अमेरिकी सेना की मौजूदगी एशिया में बढ़ाई जा रही है।
बीजिंग में बैठकर खुराफात योजना बनाने वाले अब एक पल लद्दाख के बारे में सोचते हैं तो दूसरे ही पल उनके दिमाग में अमेरिकी जहाज तैरने लगते हैं। प्रशांत महासागर में इससे पहले तीन अमेरिकी जहाज तीन साल पहले उतरे थे, जब नॉर्थ कोरिया से विवाद बढ़ा था।
अमेरिका और चीन के बीच कोल्ड वॉर में भारत एक अग्रिम देश है। भारत के साथ सीमा पर चीन का सैन्य दबाव साफ तौर पर भारत की बढ़ती ताकत की वजह से है। बीजिंग भारत में शांत वातावरण को खराब करना चाहता है, जो भारत के आर्थिक विकास के लिए जरूरी है और इससे चीन के साथ पॉवर के अंतर में कमी आएगी।

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