चीन के लिए बड़ा झटका, भारत के खुलकर समर्थन में आया ऑस्ट्रेलिया और कही ये बड़ी बात !

लद्दाख के हालात पर भारत में राजनीति तेज हो गई है. भारत के राजनीतिक दल हर मौके पर राजनीति करना जानते हैं. जब सरकार और देश के साथ एकजुटता से खड़े होने का वक़्त है. लद्दाख के गलवान घाटी में हुई झड़प के बाद अब भारत सरकार भी एक्शन में आ गयी है. सेना को तो पहले से ही खुली छूट दी हुई है. वहीँ अभी हाल ही में हुई झड़प के बाद दोनों देशों के बीच तनाव का माहौल बना हुआ है.

जानकारी के लिए बता दें चीन की तरफ से गलवान घाटी में की गयी हरकत के बाद अब हर तरफ से चीन की मुश्किलें बढ़ गयी हैं. भारत में अब bycot चाइनीज प्रोडक्ट की मांग उठने लग गयी है. वहीँ दूसरी ओर कोरोना वायरस के चलते चीन की पूरी दुनिया में छवि खराब हो चुकी है. ऐसी स्थिति में भी चीन सीमा पर घटिया हरकत कर रहा है. पीएम मोदी भी इस तनाव को लेकर बाद बयान दे चुके हैं. उन्होंने कहा है हमारे जवानों की श-हादत बेकार नही जाएगी. वहीँ इसी बीच एक और बड़ी खबर आ रही है.

अंतर्राष्ट्रीय मंच पर चीन के बहिष्कार की कवायद तेज हो गयी है. भारत के समर्थन में अब ऑस्ट्रेलिया खुलकर आ गया है. ऑस्ट्रेलिया के राजदूत बैरी ओ फरेल ने बुधवार कि कहा है कि ‘द्वितीय विश्व युद्ध के बाद नियम और तकाजे को लेकर स्थापित व्यवस्था का भारत और ऑस्ट्रेलिया पालन कर रहे हैं लेकिन चीन ऐसा नहीं कर रहा.’

गौरतलब है कि इससे पहले भी भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच आर्मी बेस को लेकर समझौता हुआ है. अब ऑस्ट्रेलिया के उच्चायुक्त ने जोर दिया है कि दक्षिण चीन सागर के एकतरफा तरीके से यथास्थिति बदलने का प्रयास कर रहा है. यह इस विषय पर बनी आम सहमती और वार्ता के अनुसार नहीं है. उन्होंने कहा है कि चीन ने अच्छा विकास किया है लेकिन ताकत के साथ जिम्मेदारी भी आ जाती है. ओ फरेल ने कहा है कि “दुर्भाग्य से हमारे लिए चिंता करने की वजह है कि हम इस प्रारूप का जितना पालन कर रहे हैं, बीजिंग इसके लिए समर्पित नहीं है.”  चीन को अब अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर कई बड़े देश मिलकर झटका दे सकते हैं.



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