खुफिया एजेंसी की मांग जल्द यह कुछ चीनी एप्स बंद करें, भारत सरकार उठा सकती है ये कदम:

गलवान घाटी में हुए पिछले सोमवार को भारत और चीन के बीच हिंसक झड़प के बाद भारत ने अपने 20 सैनिकों की जान गवा दी जिसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी सैनिकों को कहा कि वह भारत के सपूत अपने देश के लिए शहीद हो गए और भारत हमेशा ही उनका ऋणी रहेगा इन शब्दों के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनको भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी और कहा कि उनकी कुर्बानी व्यर्थ नहीं जाएगी। इन घटनाओं के पश्चात भारत में तीनों सेनाओं को अलर्ट कर दिया है तथा सभी सैनिकों को छुट्टियां रद्द करके वापस आने की इजाजत दी है।
खुफिया एजेंसियों का मानना है कि चीनी कुछ एप्स भारत के लिए खतरा का कारण बन सकते हैं इसलिए भारतीय सरकार से निवेदन है कि वह इन ऐप्स को बैन करें तथा लोगों से अपील है कि वह इसका इस्तेमाल करना बंद करें।
भारतीय खुफिया एजेंसियों ने सरकार से टिकटॉक और जूम समेत चीन से जुड़े 52 मोबाइल एप को ब्लॉक करने या लोगों से इसका इस्तेमाल बंद करने की सलाह देने की सिफारिश की है। खुफिया एजेंसियों का कहना है कि चीनी एप सुरक्षा के लिहाज से असुरक्षित हैं और बड़े पैमाने पर डेटा भारत के बाहर भेज रहे हैं।
एजेंसियों ने सरकार को जो लिस्ट भेजी है उसमें टिकटॉक और वीडियो कांफ्रेंसिंग एप जूम के अलावा यूसी ब्राउजर, शेयर इट, क्लीन मास्टर और एक्सजेंडर जैसे एप भी शामिल हैं। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि एजेंसियों की ओर से दिए गए प्रस्ताव का समर्थन राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय (एनएससीएस) ने भी किया है।
भारत पहला देश नहीं है जिसने सरकार के भीतर जूम के इस्तेमाल पर रोक लगाई। इससे पहले ताइवान ने भी सरकारी एजेंसियों को जूम एप के इस्तेमाल से रोक दिया था। जर्मनी और अमेरिका भी ऐसा कर चुके हैं। हालांकि, चीनी कंपनी ने गृह मंत्रालय की एडवाइजरी पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि वह यूजर्स की सुरक्षा को लेकर गंभीर है।

Advertisement