गलवान घाटी में खु’नी सं’घर्ष के बाद भारत- चीन के विदेश मंत्रियों के बीच हुई बातचीत

चीन और भारत के बीच लद्दाख बार्डर के पास गलवान घाटी पर काफी दिनो से तनातनी चल रही है. जिसको लेकर दोनो देशो के बीच कई दौर की बैठक हो चुकि है. लेकिन चीन अपने दो’गले रवैये से बाज़ नही आ रहा है. चीन के साथ बातचीत करने से भी कोई फायदा नही हुआ है. क्योकि चीन ने जो हरकत की है वो बर्दाश्त करने लायक नही है. इसका भारत की सेना ने चीनी सैनिकों को मुहंतोड़ जवाब दिया हैं.

भारत की तरफ से भी चीनी सैनिकों को मा’र गिराया गया हैं. जिसके बाद चीन की तरफ से गलवान घाटी को लेकर अब चीन आगे का रास्ता बातचीत कर के निकालना चाहता हैं. आज दोनों देशों के विदेश मंत्रियों की हुई बातचीत में चीन ने ‘बातचीत के मौजूदा तंत्रों के इस्तेमाल पर जोर दिया और कहा कि मतभेदों को बातचीत के जरिए ही हल करना चाहिए.’पूर्वी लद्दाख के पैट्रोलिंग पॉइंट- 14 पर हुए खूनी झ’ड़प के दो दिन बाद विदेश मंत्री एस. जयशंकर और चीनी विदेश मंत्री वांग यी के बीच बातचीत हुई. इस बातचीत में चीन के विदेश मंत्री वांग ने इस बात पर जोर दिया कि ‘म’तभेदों से उबरने के लिए दोनों पक्षों को मौजूदा तंत्रों के जरिए बातचीत और समन्वय का रास्ता और दुरुस्त करना चाहिए’.

इस बातचीत में दोनों देशों ने हुए खू’नी सं’घर्ष से पैदा हुए गंभीर परिस्थिति से निकलने के लिए बातचीत कर के आगे का रास्ता निकलने को लेकर हामी भरी हैं. लेकिन चीन ने इससे पहले भी कई दौर की बातचीत की थी. लेकिन उसके बाद भी बुजदिलों की तरह पीठ पर वार किया हैं. जिसका जवाब भारतीय सैनिकों ने दिया हैं. इसके बाद चीन को भी पता है की अगर भारत से लड़ाई होती है तो भारत अब पीछे हटने वाला नहीं है वो बराबर की लड़ाई लडेगा. क्योकि चीन ने भारत के 20 सैनिकों को मा’रा था और भारतीय सेना ने चीन के 43 सैनिको को मौ’त की नींद सुला दी थी.



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