वैज्ञानिकों ने खोज निकाला कोरोना वायरस का दवा, कोरोना के बदलते रूप में भी हो सकता है लाभकारी:

जिस प्रकार पूरी दुनिया को रोना वायरस की चपेट में आ चुकी है तथा करोड़ों की संख्या में लोगों की मौत इस बीमारी करण हो चुके हैं आपको बता दें कि दुनिया का प्रत्येक देश इस बीमारी से छुटकारा पाने के लिए अपने सबसे प्रसिद्ध वैज्ञानिकों से इसकी दवा बनाने का सिलसिला बना रखा है परंतु इस बीमारी के बदलते रूप को देखते हुए अभी तक इसकी दवा का निर्माण नहीं हो पाया है। परंतु आपको बता दें कि कोरोना पर वैज्ञानिकों की रिसर्च जारी है और हाल ही में पता लगाया है कि अल्पाका और ललामा के अंदर बनने वाले एंटीबॉडी मनुष्यों में फैलने से घातक कोविड-19 को ठीक कर सकते हैं।
एंटीबॉडी COVID-19 में को बढ़ने से रोकता है। शोधकर्ताओं का मानना ​​है कि अल्फ़ाक्स में पाए जाने वाले एंटीबॉडी घातक वायरस की एक दूसरी लहर को रोकने में मदद कर सकते हैं। रिपोर्टों के अनुसार, जर्मनी में एक 12 वर्षीय अल्पाका से शोधकर्ताओं को COVID -19 का इलाज खोजने में मदद की।
उन्‍होंने कहा कि सिद्धांत रूप में सभी सबूत यह सुझाव देते हैं कि यह मनुष्यों में बहुत अच्छी तरह से काम करेगा। लेकिन यह एक बहुत ही जटिल प्रणाली भी है। यह नोट किया गया था कि लामा और ऊंट परिवार के अन्य सदस्य नैनोबॉडी का उत्पादन करने के लिए जाने जाते हैं, जो मनुष्यों द्वारा उत्पादित पूर्ण आकार के एंटीबॉडी से बहुत छोटे हैं। इसलिए नैनोबॉडीज वैज्ञानिकों के साथ काम करना आसान बना देते हैं।

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