फ्रांस से भारत आया छह राफेल लड़ाकू विमान, चीन के साथ युद्ध में होगा मददगार:

भारत और चीन के बीच हुए हिंसक झड़प के बाद दोनों देशों में तनाव लगातार बढ़ते जा रहे हैं तथा स्थिति युद्ध के कगार पर पहुंच चुकी है। चीन जो अपनी आदतों से बाज नहीं आ रहा है वह भारत को बार-बार चेतावनी दे रहा है। आपको बता दें कि भारत-चीन सीमा तनाव के बीच फ्रांस से छह राफेल लड़ाकू विमानों के 27 जुलाई को भारत पहुंचने की संभावना है। ये विमान पहले मई में पहुंचने वाले थे, लेकिन कोरोना वायरस से उत्पन्न हुई स्थिति के चलते ये समय पर भारत को नहीं मिल सके।
हिंद महासागर क्षेत्र पर भारत-फ्रांस की संयुक्त सामरिक दृष्टि को पूरा करने के लिए दोनों मंत्री एक साथ काम करने के लिए सहमत हुए थे।

बता दें कि, भारत सरकार ने भारतीय वायुसेना की आपातकालीन आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए 36 लड़ाकू राफेल विमान के लिए सितंबर 2016 में फ्रांस के साथ 60,000 करोड़ रुपये से अधिक के समझौते पर हस्ताक्षर किए थे। राजनाथ सिंह ने पहला राफेल विमान फ्रांस के एक एयरबेस पर आठ अक्तूबर को प्राप्त किया था।

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