अब रेलवे की तरफ से चीनी कंपनियों को ये बड़ा झटका देने की तैयारी कर डाली मोदी सरकार ने !

लद्दाख के हालात पर भारत में राजनीति तेज हो गई है. भारत के राजनीतिक दल हर मौके पर राजनीति करना जानते हैं. जब सरकार और देश के साथ एकजुटता से खड़े होने का वक़्त है. लद्दाख के गलवान घाटी में हुई झड़प के बाद अब भारत सरकार भी एक्शन में आ गयी है. सेना को तो पहले से ही खुली छूट दी हुई है. वहीँ अभी हाल ही में हुई झड़प के बाद दोनों देशों के बीच तनाव का माहौल बना हुआ है.

जानकारी के लिए बता दें गलवान घाटी में चीनी और भारतीय सैनिकों के बीच हुई झड़प के बाद अब देश के भीतर चीनी सामान का बहिष्कार और कंपनियों के खिलाफ अभियान तेज हो गया है. देश के अलग-अलग हिस्सों में चीनी सामानों को लेकर प्रदर्शन हो रहे हैं. वहीँ देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी जवानों की श’हा’दत पर बोले कि जवानों ने देश के लिए जो बलिदान दिया है बो बेकार नहीं जायेगा.

चीन एक तो पहले से ही कोरोना वायरस को लेकर दुनिया में अपनी बदनामी करवा चुका है वहीँ अब उसकी इस हरकत के बाद भारत सरकार एक्शन में है. देश के अंदर अब चीनी कंपनियों को बाहर का रास्ता दिखाने का अभियान तेज हो गया है और सरकार ने भी चीन को बड़ा झटका देने की तैयारी शुरू कर दी है. दरअसल रेल मंत्रालय के तहत आने वाले डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर में सिगनलिंग का जो काम कंपनियों को दिया था, सरकार ने अब उसका ठेका रद्द करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है.

गौरतलब है कि डीएफसी ने कहा है कि खराब प्रदर्शन के चलते अब कंपनी का ठेका रद्द किया जा रहा है. वहीँ दूसरी तरफ चीनी सामान के खिलाफ देशभर में अभियान शुरू हो चुके हैं. देशभर में लोग चीनी सामान बायकाट करने का अभियान शुरू कर चुके हैं. इसी के साथ देश में जो भी चीनी कंपनियां काम कर रही है जनता ने उनके खिलाफ भी अभियान तेज कर दिया है. वहीँ खबर ये आ रही है कि सरकार सिग्नल संचार से जुड़ी और भी चीनी कंपनियों के ठेके रद्द कर सकती है.



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