मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का फैसला, यूपी में घर-घर होगी कोरोना की चेकिंग, आइए जाने क्या रहेगा नियम:

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यूपी में बढ़ते कोरोना के मामलों को ध्यान में रखते हुए एक अहम फैसला लिया है जिससे राज्य में बढ़ रहे कुरौना संक्रमण को कम किया जा सकता है। जी हां मुख्यमंत्री जी के द्वारा इसकी शुरूआत आगामी जुलाई माह में मेरठ मण्डल में एक विशेष अभियान चलाकर की जायेगी। जिसके तहत डोर टू डोर मेडिकल स्क्रीनिंग की जायेगी। मेरठ मण्डल में अभियान की शुरूआत के बाद प्रदेश के अन्य 17 मण्डलों में भी इस अभियान को शुरू किया जायेगा। जिसमें डोर टू डोर सभी घरों का सर्वेक्षण किया जायेगा। राज्य के सभी इलाकों में कोमिविलिटी की भी पहचान की जायेगी और सभी को कोरोना से बचाव तथा सावधानी बरतने के लिए जागरूक किया जायेगा।

शनिवार को एक दिन में सर्वाधिक 20,782 सैम्पल की जांच की गयी। जो अब तक का एक रिकार्ड है। उन्होंने बताया कि अब तक कुल 6 लाख 84 हजार 296 सैम्पल की जांच की गयी है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 6 हजार 679 कोरोना के मामले एक्टिव हैं। उन्होंने बताया कि अब तक 14 हजार 808 मरीज पूरी तरह से उपचारित हो चुके हैं। उन्होंने बताया कि अब डिस्चार्ज का प्रतिशत 66.86 है। उन्होंने बताया कि पूल टेस्ट के तहत कुल 1899 पूल की जांच की गयी, जिसमें 5-5 सैम्पलों के 1723 पूल तथा 10-10 सैम्पलों के 176 पूल की जांच की गयी।

प्रसाद ने बताया कि आशा वर्कर्स द्वारा अब तक 19 लाख 01 हजार 712 कामगारों व श्रमिकों से उनके घर पर जाकर सम्पर्क किया है। जिसमें से 1664 लोगों में कोरोना जैसे लक्षण मिले, इन लोगों के सैम्पल लेकर उनकी जांच की जा रही है, जिसमें से 1253 लोगों की रिपोर्ट प्राप्त हुई, इनमें से 231 लोग कोरोना संक्रमित पाये गये। उन्होंने बताया कि ग्राम और मोहल्ला निगरानी समितियों के द्वारा निगरानी का कार्य सक्रियता से किया जा रहा है। अब तक 1 लाख 49 हजार 840 सर्विलांस टीम द्वारा 1 करोड़ 09 लाख 93 हजार 288 घरों के 5 करोड़ 60 लाख 53 हजार 424 लोगों का सर्वेक्षण किया गया है।

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