भारत ने दिखाया चीन पर दरियादिली, हो सकता है सुधार ले चीन अपनी गलतियों को: आइए पुणे की आखिर भारत में क्या मौका दिया है चीन को:

भारत और चीन के बीच हुए हिंसक झड़प के बाद दोनों देशों में लगातार तनाव बढ़ते जा रहे हैं। आपको बता दें कि दोनों देशों के बीच युद्ध की गंभीर स्थिति पैदा हो चुकी है। दोनों देशों के बीच बार-बार किए गए उच्च अधिकारी बैठक के दौरान तो ऐसी कोई भी जानकारी प्राप्त नहीं हुई जिससे लगे कि दोनों देशों में अब युद्ध होगा परंतु इनकी बार-बार गलतियों की वजह से यह कहना भी उचित है कि युद्ध अब ज्यादा दिन नहीं है।
पूर्वी लद्दाख में लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल पर आतंक मचा रहे चीन को भारत ने तीसरी और शायद आखिरी बार सुधरने का मौका दिया है। इसके तहत अब भारत की ओर से गतिरोध खत्म करने और तनाव दूर करने के लिए चीन की सेना के बीच कोर कमांडर स्तर की मीटिंग की जा रही है।

यह तीसरी मीटिंग अब चुशूल में होगी। यह भारत की तरफ बना बॉर्डर पर्सनेल मीटिंग (बीपीएम) पॉइंट है। भारत की तरफ मीटिंग होने का यह मतलब है कि मीटिंग की पहल भारत की तरफ से की गई है और भारत ने मी
टिंग बुलाई है।।
चीन शांति बनाने की बजाय लगातार गलवान वैली पर अपना दावा जताया है। उसने डेपसांग प्लेन्स में भी सैनिकों की तैनाती बढ़ा दी और सैन्य साजो सामान का जमावड़ा लगा दिया। भारत ने भी पूरे एलएसी में अपने सैनिकों की तैनाती बढ़ाई है। सूत्रों के मुताबिक चीन फिंगर-4 से पीछे हटने को तैयार नहीं है।

हालांकि भारत की तरफ से भी चीन को यह संदेश दिया गया कि गतिरोध खत्म करने की जिम्मेदारी उस पर ही है क्योंकि उसने ही इसकी शुरूआत की। चीनी सैनिकों ने भारतीय सेना की पट्रोलिंग में बाधा पैदा की और एलएसी पर यथास्थिति बदलने की कोशिश की। भारत की तरफ से यह भी साफ किया गया है कि भारत अपने इलाके में निर्माण काम जारी रखेगा और चीन को इस पर आपत्ति जताने का कोई हक नहीं है।

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