नेपाल सीमा विवाद के बाद भी भारत करेगा नेपाल की मदद पशुपतिनाथ मंदिर को देगा इतनी राशि:

वर्तमान समय में नेपाल और भारत के रिश्ते कुछ खास सही नहीं है माना जा रहा है कि नेपाल चीन के बहकावे में आकर भारत से अपने रिश्तो में बदलाव लाने की कोशिश कर रहा है। भारत के कुछ जमीनों को नेपाल ने अपने नए नक्शे में जोड़कर इस बात की मंजूरी दे दी है कि वह भी भारत के खिलाफ है। पर जिस सच्चाई कभी किसी की अहित नहीं चाहती भारत में कभी भी नेपाल को अपने से अलग नहीं समझा है इस बात की पुष्टि उसने इस मौजूदा हालात में भी पशुपतिनाथ मंदिर को विश्‍व प्रसिद्ध पशुपतिनाथ मंदिर परिसर में 2.33 करोड़ रुपये की लागत से स्वच्छता केंद्र के निर्माण की प्रतिबद्धता जताई है। आधिकारिक बयान के मुताबिक श्रद्धालुओं के लिए इस पवित्रस्थल पर इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर में सुधार करने के मकसद से स्‍वच्‍छता केंद्र का निर्माण होगा। इस परियोजना का निर्माण ‘नेपाल-भारत मैत्री: विकास साझेदारी’ के तहत भारत के उच्च प्रभाव वाले सामुदायिक विकास योजना के तौर पर होगा।
पशुपतिनाथ मंदिर परिसर में इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर विकास के लिए भारत की ओर से सहायता ऐसे समय में दी जा रही है, जब दोनों देशों के बीच सीमा विवाद बढ़ गया है। नेपाली संसद के निचले सदन ने भारत के उत्तराखंड के लिपुलेख, कालापानी और लिमपियाधुरा को अपने नए मानचित्र में शामिल करने के लिए संविधान में संशोधन के मकसद से एक विधेयक को सर्वसम्मति से पारित किया। इस कदम को भारत ने 'अस्वीकार्य' बताया है।

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