चीन को लगा बड़ा झटका,POK मैं करोड़ों डॉलर का प्रोजेक्ट आ पड़ा है खतरे में:

भारत और चीन के बीच हिंसक झड़प के बाद भारतीय में चीनियों के प्रति एवं चीन के वस्तुओं के प्रति काफी आक्रोश भरा हुआ है। सभी भारतीयों ने मिलकर चीन के सामानों का बायोकॉड करने का फैसला लिया है जिस से चीन को काफी आर्थिक नुकसान का सामना तो करना ही पड़ेगा। आपको बता दें कि भारत-चीन तनाव के बाद भारत ने चीन को दिए गए रेलवे के एक ठेके को रद्द कर दिया जिसमें चीन को कई करोड़ डॉलर का नुकसान का सामना करना पड़ा।आपको बता दें कि भारत और चीन के झड़प के बाद चीन का अरबों डॉलर वाली महत्वाकांक्षी बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव (BRI) परियोजना के तहत चलने वाली अधिकतर परियोजनाएं कोरोना वायरस (Coronavirus) संक्रमण के कारण आंशिक रूप से या बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। एक चीनी अधिकारी ने यह जानकारी दी। रिपोर्ट में कहा गया है कि जो परियोजनाएं प्रभावित हुई हैं उनमें 60 अरब अमेरिकी डॉलर वाली सीपीईसी भी शामिल है।
चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने 2013 में सत्ता में आने पर बीआरआई को शुरू किया था। इसका उद्देश्य सड़क और समुद्री मार्ग से दक्षिणपूर्व एशिया, मध्य एशिया, खाड़ी क्षेत्र, अफ्रीका और यूरोप को जोड़ना है। पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में स्थित ग्वादर बंदरगाह को चीन के शिनजियांग प्रांत से जोड़ने वाला चीन-पाक आर्थिक गलियारा (CPEC) बीआरआई की मुख्य परियोजना है। इन परियोजनाओं को फिर से गति देने के प्रयास के तहत चीन ने पिछले हफ्ते बीआरआई की पहली वीडियो कॉन्फ्रेंस की।
रिपोर्ट में कहा गया है कि जो परियोजनाएं प्रभावित हुई हैं उनमें 60 अरब अमेरिकी डॉलर वाली सीपीईसी भी शामिल है। भारत ने सीपीईसी को लेकर चीन से अपना विरोध जताया था क्योंकि यह पाक के कब्जे वाले कश्मीर से होकर जा रही है। अखबार के मुताबिक मलेशिया, बांग्लादेश, इंडोनेशिया, पाकिस्तान, कंबोडिया और श्रीलंका समेत कुछ एशियाई देशों ने चीनी वित्त पोषण वाली इन परियोजनाओं पर या तो रोक लगा दी है या उन्हें विलंबित किया है। खबर में कहा गया कि उदाहरण के लिये कोविड-19 की बाधा ने सीपीईसी, कंबोडिया के शिहानुकविले विशेष आर्थिक क्षेत्र और इंडोनेशिया की जकार्ता-बानडुंग हाईस्पीड रेल परियोजना को प्रभावित किया है।

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