मौलाना के निकले जनाजे में पूरी सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां, जनाजे के वक्त पहुंचे 10000 लोग, सरकार ने किया 3 गांव को सील:

भारत में दिन-प्रतिदिन कोरोना के मामले बढ़ते जा रहे हैं तथा कम होने का कोई भी तरीका सरकार को नहीं दिख रहा है।आपको बता दें कि कोरोना से बढ़ते मामलों को रोकने के लिए सरकार ने सोशल डिस्टेंसिंग जैसे नियमों का पालन करने का आदेश दिया है जिससे देश में बरकत कोरोना के मामले कम हो सके। परंतु आपको बता दें कि कुछ बुद्धिजीवी लोगों के चलते इस नियम की धज्जियां उड़ाई जा रही है। असम में उस समय धज्जियाँ उड़ गयी जब एक मौलाना की अंतिम विदाई में हजारों लोगों का जन सैलाब उमड़ पड़ा।
नियम के मुताबिक, अंतिम संस्कार में 20 लोगों में शामिल होने की बात तो बहुत दूर की सोशल डिस्टेंसिंग और मास्क पहनने की अनिवार्यरता का भी पालन नहीं हुआ। दरअसल यहां पर एक मौलाना का निधन हो गया। मौलाना को आखिरी विदाई देने के लिए लगभग 10 हजार लोग जुट गए। इसके बाद प्रशासन को मजबूरन 3 गांवों को सील करने का निर्णय लेना पड़ा। खबरों की माने तो इस मामले में केस भी दर्ज किया गया है।
विधायक अमिनुल के अब्बा की अंतिम यात्रा में हजारों लोग शामिल हुए, हैरानी की बात यह कि मात्र कुछ ही लोगों के चेहरे पर मास्क दिखा बाकि सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जिया उड़ाते हुए सभी नजर आये। सूचना मिलनें के बाद प्रसाशन ने 3 गाँवों को सील कर दिया। अगर एक भी कोरोना पॉजिटिव व्यक्ति इस जनाजे में शामिल हुआ होगा तो असम में भीषण कोरोना विस्फोट होनें से कोई नहीं रोक सकता है। क्योंकि अब ज्यादातर कोरोना के मामले बिना लक्षण वाले आ रहे हैं, इसलिए कोरोना संक्रमित व्यक्ति की लोग पहचान नहीं कर पाते हैं और संपर्क में आ जाते हैं अंत में कोरोना की चपेट में आ जाते हैं।

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि कोरोना काल के शुरुवाती दौर में विधायक अमिनुल इस्लाम ने क्वरंटाइन सेंटर्स को लेकर गैर-जिम्मेदाराना बयान देते हुए उसे न केवल डिटेंशन सेंटर बताया बल्कि ये भी कहा कि वहाँ इंजेक्शन देकर लोगों को मारा जाता है। जानकारी के अनुसार इस बयान के बाद अमिनुल इस्लाम पर राष्ट्रद्रोह का केस भी दर्ज हुआ था।

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