कोरोना महामारी के बीच प्रदूषण बन रहा खतरा, 10 साल कम जी रहे लोग

लखनऊ. उत्तर प्रदेश में कोरोना वायरस (Covid-19) के साथ-साथ प्रदूषण का स्तर भी बढ़ रहा है। वर्तमान में जितना खतरा आम आदमी को कोरोना वायरस से है, उतना ही हवा की खराब गुणवत्ता से भी। खासकर दिल्ली और लखनऊ वालों को महामारी के दौर में अपनी सेहत का ध्यान रखना ज्यादा जरूरी है। यह दावा किया है शिकागो विश्वविद्यालय के एनर्जी पॉलिसी इंस्टीट्यूट की रिपोर्ट ने। रिपोर्ट में वायु प्रदूषण के मामले में भारत को बांग्लादेश के बाद दूसरे स्थान पर रखा गया है।

रिपोर्ट बताती है कि सबसे ज्यादा प्रभावित यूपी की राजधानी लखनऊ है। नवाबों के शहर लखनऊ में प्रदूषण विश्व स्वास्थ्य संगठन के मानकों से 11 फीसदी ज्यादा है। इसी तरह प्रदूषण का घातक असर दिल्ली में भी पड़ रहा है। रिपोर्ट में ये भी कहा गया है कि यदि लखनऊ में प्रदूषण का यह स्तर बरकरार रहता है तो वहां के लोगों की जीवन प्रत्याशा में 10.3 साल तक की कमी आने का खतरा है। भारत की राजधानी दिल्ली में भी प्रदूषण का स्तर खतरनाक है। ऐसे में अगर यही स्तर जारी रहा तो औसतन 9.4 साल आयु कम हो जाएगी। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि प्रदूषण के स्तर को डबल्यूएचओ के मानक के अनुसार, बिहार औऱ पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में भी आम जन के जीवन को सात साल तक बढ़ाया जा सकता है।

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