सिंचाई विभाग में 14 लाख के घोटाले के आरोप में दो मामले दर्ज, विजिलेंस करेगी जांच

प्रदेश में सिंचाई कार्य योजनाओं के लिए जारी बजट को अधिकारियों और सरकारी कर्मचारियों द्वारा मिल बांट के हड़पा जा रहा है। सिरमौर के नाहन स्थित मालों वाला गांव में दस लाख रुपए तथा ऊना स्थित बड़हाला पंचायत में चार लाख का घोटाला सामने आया है। सिरमौर के नाहन गांव में भू संरक्षण विभाग द्वारा सिंचाई पानी के ढांचे के लिए दस लाख रुपए की धनराशि जारी कि गई थी । दस लाख की धनराशि से कूहल और सिंचाई टैंकों के निर्माण के काम कि जिम्मेदारी कृषि विकास संघ को दी थी।  विभाग ने कागजी तौर पर कार्यों को पूरा करके पैसे हड़प लिए । फिर स्थानीय लोगों ने इसकी शिकायत विजिलेंस से की कि निर्माण कार्य में अनियमितता हुई है और फर्जी बिलों को लगा कर पूरी धनराशि हड़प ली गई है। विजिलेंस ने शिकायती पत्र को आधार बनाते हुए जांच शुरू कि तो शुरुवात में ही पाया कि शिकायती पत्र में लिखे सारे आरोप सही थे । आरोप सही मिलने पर विजिलेंस ने सरकार से अनुमति लेकर मामले कि एफआईआर दर्ज की। ऊना में बड़हाला में भी विजिलेंस ने भी सिंचाई चैनल के कार्यों में अनियमितता और घोटाले के मामले पर एफआईआर दर्ज किया । कमेटी के रिकॉर्ड अनुसार तीन लाख के एक ,दो लाख के एक, और एक लाख के एक सिंचाई चैनल लगाए गए थे लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और थी विजिलेंस ने कार्यस्थल पर सिर्फ 2 लाख का एक सिंचाई चैनल पाया । फिलहाल कुछ आरोपी अधिकारी गिरफ्तारी से बचने के लिए हाईकोर्ट के चक्कर लगा रहे हैं।

Advertisement