सरकारी और निजी आफिस में कोविड-19 हेल्प डेस्क अनिवार्य, न मानने पर एफआईआर

लखनऊ. यूपी में कोरोना वायरस का कहर तेजी के साथ फैल रहा है। जनता को बचाने के लिए सरकार के साथ प्रशासन भी अधिक मुस्तैद हो गया है। अब लखनऊ के सभी सरकारी और निजी दफ्तरों में कोविड-19 हेल्प डेस्क बनाई जाएगी। इस कोविड-19 हेल्प डेस्क में थर्मल स्कैनर, पल्स ऑक्सीमीटर, मास्क और सैनेटाइजर रखना अनिवार्य होगा। इस आदेश का उल्लंघन करने पर उस संस्था के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।

प्रदेश में कोरोना जहां कोरोना के मामले लगातार बढ़ रहे हैं वहीं लखनऊ तो रिकार्ड पर रिकार्ड तोड़े जा रहा है। यूपी सरकार जनता की सुरक्षा के लिए लगातार अस्पताल और टेस्टिंग की सुविधा को बढ़ाने की कोशिश में लगी हुई है। लखनऊ में डीएम अभिषेक प्रकाश की अगुवाई में बैठक की गई, जिसमें यह तय हुआ कि सभी शासकीय और निजी कार्यालयों, बैंक्स आदि सार्वजनिक स्थानों पर कोविड हेल्प डेस्क बनाना अनिवार्य है। कोविड-19 हेल्प डेस्क में थर्मल स्कैनर, पल्स ऑक्सीमीटर, मास्क और सैनेटाइजर रखना अनिवार्य होगा।

लखनऊ डीएम अभिषेक प्रकाश ने कहाकि अगर कोई भी इस आदेश का उल्लंघन करेगा तो उस पर महामारी एक्ट के तहत एफआईआर और कड़ी दंडात्मक कार्यवाही की जायेगी। प्रोटोकॉल के अनुपालन में ट्रैवल हिस्ट्री वाले लोगों को होम क्वॉरेंटाइन रहना होगा। ऐसा न करने पर भी महामारी एक्ट में मामला दर्ज होगा। लखनऊ जिलाधिकारी ने कोरोना पेशेंट की बढ़ रही संख्या की वजह से कहाकि सभी अस्पतालों में ट्रू नेट मशीनें इंस्टॉल की जाएंगी। ट्रूनेट मशीन के जरिये एक से दो घण्टे के भीतर कोविड 19 की रिपोर्ट आ जाती है।



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