कोरॉन्ना काल में मुस्लिम समुदाय द्वारा स्वर्ण मंदिर में दिया गया 33 टन गेहूं, लोगों ने किया खूब प्रशंसा, पढ़े विस्तार से:

पूरी दुनिया में फैले कोरोना महामारी से पूरी दुनिया परेशान है। इसी बीच इंसानियत से बड़ी खबर सामने आई है।जिस प्रकार से पिछले महीने केंद्र सरकार द्वारा सभी धार्मिक स्थलों को अनलॉक एक के दौरान खोल दिया गया जिससे गरीब तथा बेघर लोगों को खाने पीने की कठिनाइयों से जूझना ना पड़े। जिसके चलते अमृतसर में प्राचीन स्वर्ण मंदिर में गरीब तथा बेसहारा लोगों के लिए लगातार लंगर की व्यवस्था की गई है।
मानवता के इस काम में सहयोग के लिए मुस्लिम समुदाय भी सामने आया है। शुक्रवार को कुछ लोगों ने स्वर्ण मंदिर की रसोई को 33 टन गेहूं दान देकर मानवता का धर्म निभाया। पंजाब के लुधियाना में स्थित धार्मिक संगठन अब्राहम और इंडो-अब्राहमिक एसोसिएशन (AIAA) के अध्यक्ष अशोक सिंह गरचा ने अपने ट्विटर हैंडल पर इस बात की जानकारी दी है।
उन्होंने स्वर्ण मंदिर में लंगर का सेवन करते मुस्लिम ग्रुप की एक तस्वीर भी शेयर की है जिन्होंने गेहूं दान दिया है। अशोक सिंह ने कैप्शन में लिखा, 'मुस्लिम भाइयों ने अमृतसर में स्वर्ण मंदिर को 33 टन गेहूं दान किया। पोस्ट में दिखाई दे रही तस्वीर में वह सभी दानदाता गुरुद्वारे में लंगर ग्रहण कर रहे हैं और सिख सेवादार सेवा करते हुए।' बता दें कि कोरोना वायरस महामारी के चलते 25 मर्च से लागू लॉकडाउन के दौरान सभी धर्मिक स्थलों को बंद कर दिया गया था जिसे अब अनलॉक के पहले चरण में खोला गया है। स्वर्ण मंदिर में रोजाना हजारों की संख्या में श्रद्धालु लंगर के रूप में प्रसाद का सेवन करने आते हैं। 33 टन गेहूं दानकर के मुस्लिम समूह ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि इंसानियत का कोई धर्म नहीं होता, मानवता ही सबसे बड़ा धर्म है। अशोक सिंह गरचा द्वारा किया गया यह ट्वीट अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। खबर लिखे जाने तक उनके ट्वीट पर अब तक 4 लाख के अधिक लाइक और 9 हजार से अधिक बार री-ट्वीट किया जा चुका है। इस पोस्ट पर लोगों ने कई यूजर्स ने पॉजिटिव कमेंट भी किए हैं।

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