सगी 3 बहनों का हुआ आईएएस में चयन, तीनों बनी अपने एस्टेट की चीफ सेक्रेटरी:

यह खबर एक परिवार के लिए इतनी खुशी की बात है जिसमें तीन सगी बहनों का आईएएस में चयन हुआ है और जो अपने ही राज्य की चीफ सेक्रेटरी के पद को संभाल रही हैं। इसमें तीन सगी बहनों ने कामयाबी की वो इबारत लिख दी जो अनूठी मिसाल बन गई। भारतीय प्रशासनिक सेवा के इतिहास में यह पहला मौका है जब तीन बहनें सूबे के अफसरों के मुखिया मुख्य सचिव की कुर्सी पर काबिज हुईं।
पंजाब विश्वविद्यालय में प्रोफेसर पद से रिटायर हुए जेसी आनंद की बेटी हैं। तीनों ही आईएएस हैं। वर्तमान में केशनी आनंद अरोड़ा हरियाणा के मुख्य सचिव पद पर कार्यरत हैं। इनसे पहले इसी पद पर बड़ी बहन मीनाक्षी आनंद चौधरी और उर्वशी गुलाटी भी सेवाएं दे चुकी हैं।
आईएएस केशनी आनंद अरोड़ा अपनी बड़ी बहनों के नक्शे कदम पर चलकर मुख्य सचिव के पद तक पहुंची हैं। 1969 बैच की आईएएस अधिकारी मीनाक्षी आनंद चौधरी 8 नवंबर 2005 से 30 अप्रैल 2006 तक और 1975 बैच की आईएएस अधिकारी उर्वशी गुलाटी 31 अक्टूबर 2009 से 31 मार्च 2012 के बीच हरियाणा की मुख्य सचिव रहीं।
केशनी आनंद का परिवार मूलरूप से रावलपिंडी (पाकिस्तान) का रहने वाला है। भारत विभाजन के वक्त वहां से पंजाब आ गया। मीडिया से बातचीत में केशनी बताती हैं कि उस समय घर के हालात उतने अनुकूल नहीं थे। जब बड़ी बहन मीनाक्षी ने 10वीं क्लास पास की तो उनके रिश्तेदारों ने उनके माता-पिता पर दबाव डालना शुरू कर दिया कि अब वे उनकी शादी कर दें लेकिन मां का मानना था कि बुरे वक़्त में पढ़ाई-लिखाई ही काम आती है। इसलिए पहले पूरी पढ़ाई, फिर शादी। वैसे भी हमारे समाज में लोग महिलाओं को अहम पदों पर बैठते हुए देखने के आदी नहीं हैं, लेकिन हमारे परिवार ने तीनों बहनों को पढ़ने-लिखने का भरपूर अवसर दिया। नतीजा यह रहा कि तीनों ही बहनें कामयाब हो गईं।

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