राजा भैया पर 47 मुकदमे, कोई केस वापस नहीं लिया, हाईकोर्ट की सख्ती पर योगी सरकार ने पेश की अपनी सफाई

लखनऊ. प्रतापगढ़ के कुंडा विधानसभा क्षेत्र से विधायक रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया के मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने अचानक सख्ती दिखाते हुए यूपी की योगी सरकार से पूछा कि राजा भैया पर दर्ज मुकदमे सरकार ने क्या वापस लिए हैं। अगर ऐसा है तो उसकी वजह यूपी सरकार साफ करे। इस पर योगी सरकार ने अपनी सफाई पेश करते हुए कहाकि नहीं कोई मुकदमा वापस नहीं लिया गया है।

उत्तर प्रदेश के जिला प्रतापगढ़ के कुंडा विधानसभा क्षेत्र से लगातार सात बार निर्दलीय चुनाव जीतकर रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया ने रिकॉर्ड बनाया है। राजा भैया ने जनसत्ता दल नाम से अपनी एक नई पार्टी का गठन भी किया है। आजकल यह पार्टी चर्चा में है।

उत्तर प्रदेश सरकार ने साफ कर दिया है कि मार्च 2017 में योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सरकार बनने के बाद से रघुराज प्रताप सिंह के खिलाफ कोई मामला वापस नहीं लिया गया है। राजा भैया के खिलाफ हत्या, हत्या का प्रयास, लूट, अपहरण समेत कुल 47 मुकदमे दर्ज हैं। कुछ में उन्हें अदालत से राहत मिल चुकी है।

लखनऊ खंडपीठ ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहाकि यदि उचित सफाई नहीं आती तो वह इस प्रकरण में स्वतः संज्ञान लेगी। हाईकोर्ट ने यह भी कहा था कि जिस अभियुक्त के खिलाफ कई मुदकमे दर्ज हों उसके खिलाफ उदारतावूर्ण रवैया नहीं अपनाया जा सकता है।

कुछ चार्चित मामले :-

साल 2002 में भाजपा विध्याक पूरण सिंह बुंदेला अपहरण मामले में जेल।

साल 2010 में ब्लॉक प्रमुख चुनाव में बीडीसी सदस्य अपहरण मामले में जेल।

मार्च 2013 को डीएसपी जिया-उल-हक की पत्नी की शिकायत पर राजा भैया पर केस दर्ज।

खाद्य एवं रसद मंत्री रहते करोड़ों रुपये के गबन का भी आरोप, चल रही जांच।



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