इकबाल अंसारी का बड़ा बयान, कहा- सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड 5 एकड़ जमीन का कुछ भी करे, मेरा कोई लेना-देना नहीं

अयोध्या. बाबरी मस्जिद के पक्षकार रह चुके इकबाल अंसारी ने सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड के चेयरमैन और इंडो इस्लामिक कल्चरल फाउंडेशन मस्जिद ट्रस्ट के अध्यक्ष जफर फारुखी पर नाराजगी भरा रुख अख्तियार किया है। इकबाल अंसारी ने कहा कि उन्हें मस्जिद के लिए बनाए गए नए ट्रस्ट से कोई लेना-देना नहीं है, बल्कि वो इस बात से खुश हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंदिर के भूमिपूजन के लिए अयोध्या आ रहे हैं।

मस्जिद के ट्रस्ट से नहीं कोई लेना-देना

दरअसल अयोध्या के धनीपुर में मस्जिद के लिए ट्रस्ट बनाया गया है। वहीं बाबरी मस्जिद के पक्षकार रहे इकबाल अंसारी ने कहा कि मस्जिद के लिए बनाए गए नए ट्रस्ट से उनका कोई लेना देना नहीं है। इकबाल अंसारी शुरू से ही मांग करते रहे हैं कि 5 एकड़ भूमि में स्कूल और अस्पताल बनाया जाए, लेकिन उनकी इस मांग को सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड ने कभी गंभीरता से नहीं लिया। जिसके बाद अब इकबाल अंसारी ने कहा कि 9 नवंबर को सुप्रीम कोर्ट ने राम मंदिर का फैसला करते हुए मुसलमानों को जमीन भी दे दी है। उन्होंने कहा अब जफर फारुखी जो करना चाहें वो करें, लेकिन वह इस बात से खुश हैं कि पीएम नरेंद्र मोदी के हाथों अयोध्या में पांच अगस्त को भूमि पूजन हो रहा है और राम मंदिर निर्माण शुरू होने वाला है।

आवंटित जमीन का मिला कब्जा

बाबरी मस्जिद के प्रमुख पक्षकार उ.प्र.सुन्नी वक्फ बोर्ड को अयोध्या की सोहावल तहसील के धन्नीपुर गांव में मिली 5 एकड़ जमीन पर बोर्ड को कब्जा मिल गया है। ट्रस्ट के सचिव अतहर हुसैन ने कहा कि अब जल्द ही ट्रस्ट का परमानेंट एकाउंट नंबर यानि पैन हासिल किया जाएगा, फिर उसका बैंक खाता खुलवा कर, आयकर से 80जी व अन्य औपचारिकताएं पूरी करवाई जाएंगी। इसके बाद ट्रस्ट उस जमीन पर निर्माण कार्य शुरू करने के लिए जनसहयोग से धनराशि संकलित करना शुरू करेगा।उन्होंने कहा कि ट्रस्ट किसी भी तरह केन्द्र या राज्य सरकार से इस निर्माण के लिए आर्थिक सहयोग नहीं मांगेगा। उन्होंने कहा कि वहां बनने वाला अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस बड़ा अस्पताल अयोध्या व आसपास के सभी धर्म, सम्प्रदाय के लोगों को आसानी से बेहतर चिकित्सा सुविधाएं देगा।



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