पुलिस की खलनायकी देखकर काप जाएगी रूह, मध्य प्रदेश सरकार ने किया कार्रवाई, पढ़े पूरी खबर:

यह घटना मध्यप्रदेश राज्य है जहां पर पुलिस के अमानवीय व्यवहार को देखकर सबकी रूह कांप जाएगी। आपको बता दें कीयह घटना गुना गांव की है जहां पर किसान और उसकी पत्नी ने एसडीएम के सामने जहर खा लिया उनकी हालत बिगड़ने के बाद दोनों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बताया जा रहा है कि महिला की हालत गंभीर है। अब मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस मामले को गंभीरता से लिया है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गुना और एसपी के कलेक्टर को तत्काल प्रभाव से हटाने का निर्देश दिया है।

इससे पहले, ज्योतिरादित्य सिंधिया ने ट्वीट किया था कि गुना की घटना बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। इस संबंध में, मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान के साथ चर्चा करने के बाद, मैंने ऐसे असंवेदनशील और दोषी अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का अनुरोध किया है।

वास्तव में, सरकारी जमीन से अतिक्रमण हटाने गए पुलिस और अधिकारियों ने अमानवीयता की सारी हदें पार कर दीं। सार्वजनिक रूप से किसान परिवार को इतना परेशान किया कि उसने अधिकारियों के सामने जहर पी लिया। इसके बावजूद प्रशासनिक अधिकारी देखते रहे।

माता-पिता को बेहोश देखकर, मासूम बच्चे रोने और चिल्लाने लगे, तब अधिकारियों के होश उड़ गए। इसके तुरंत बाद, पुलिस ने दंपति को अस्पताल पहुंचाया। दरअसल सरकारी पीजी कॉलेज की जमीन को लेकर विवाद था। राजकुमार अहिरवार लंबे समय से उस जमीन पर खेती कर रहे थे। अचनक गुना नगरपालिका का अतिक्रमण हटाओ दस्ता एसडीएम के नेतृत्व में यहां पहुंचा और राजकुमार द्वारा बोई गई फसल पर जेसीबी चलाने लगा।

जब राजकुमार ने विरोध करना शुरू किया, तो उसे पुलिस ने पकड़ लिया। राजकुमार ने बताया कि उसने जमीन का बंटवारा किया था और कर्ज लेकर उसे बोया था। जब जमीन खाली पड़ी थी तब कोई नहीं आया था। उन्होंने चार लाख रुपये का कर्ज लेकर फसल बोई है। अब फसल पक चुकी है, उस पर जेसीबी नहीं चलानी चाहिए।

किसान ने कहा कि मेरे परिवार में 10-12 लोग हैं। अब मेरे पास आत्महत्या करने के अलावा कोई और रास्ता नहीं है। किसान और उसकी पत्नी ने कीटनाशक पी लिया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हुआ। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है।

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