चीन पर अमेरिका का कहर, ब्रिटेन और अमेरिका भारत भेज रही है अपनी सेना: पढ़ें पूरी खबर विस्तार से:

भारत और चीन के बीच सीमा विवाद जारी है तथा दोनों देशों की स्थिति युद्ध के कगार पर पहुंच चुकी है।आपको बता दें कि पिछले 3 जुलाई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अचानक लद्दाख दौरे से चीन पूरी तरह से बौखलाया हुआ है।भारत ही एक ऐसा देश नहीं है जिसके साथ चीन का सीमा विवाद चल रहा है आपको बता दें कि चीन से दुनिया के कई बड़े देशों के साथ भी सीमा विवाद जा रह हैं जिसके बाद अमेरिका ने चीन को उसकी गलती का एहसास कराने को ठान लिया है। 2000 के दशक में अमेरिका ने अनिवार्य रूप से मध्य पूर्व पर ध्यान केंद्रित किया था, क्योंकि उसने 'आतंकवाद के खिलाफ युद्ध' चलाया था। अब उसका फोकस बदल गया है और पूरी तरह से चीन पर केंद्रित है।

अमेरिका स्‍थायी रूप से जर्मनी में अपने सैनिकों की संख्‍या 34,500 से 25,000 तक कम कर रहा है। शेष सैनिकों को इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में नियुक्‍त किए जाने की उम्‍मीद है। इस तैनाती के बाद अमेरिकी सेना अपने वैश्विक दबदबे को फिर से कायम करेगी।

अमेरिका अब अपने संसाधनों को नौसेना और वायु सेना में स्थानांतरित कर रहा है।

फाइनेंशियल टाइम्‍स की रिपोर्ट के मुताबिक, चीन के खतरे से निपटने लिए ब्रिटेन भी एशिया में अपने सैनिक भेज रहा है। ब्रिटेन की सेना का मानना है कि एशियाई सहयोगी देशों की सुरक्षा को लिए स्‍वेज नहर के पास और ज्‍यादा सैनिक तैनात करके चीन पर शिकंजा कसा जा सकता है। इसके लिए ब्रिटेन के तीनों ही सेनाओं के प्रमुख मंत्रियों से मिले थे। ब्रिटेन के सेना प्रमुखों की बैठक में चीन के खतरे पर सबसे ज्‍यादा चर्चा हुई।

ब्र‍िटेन में चीन के साथ संबंधों को नए सिरे से पारिभाषित करने पर जोर दिया जा जा रहा है। इसके अलावा ताइवान के साथ संबंध को मजबूत करने जोर दिया जाएगा। इसके लिए ब्रिटेन दक्षिण कोरिया और जापान के साथ संबंध को और ज्‍यादा मजबूत करेगा। ब्रिटेन की नौसेना ने ऐलान किया है कि वह स्‍वेज नहर में कुछ हजार कमांडो हमेशा के लिए तैनात कर रही है।

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