भारत को रहना होगा चीन से सतर्क, शांति की बात कर के अंदर ही अंदर कर रहा है, युद्धाभ्यास... आगे पढ़े मुख्य खबर:

भारत और चीन के बीच हुए हिंसक झड़प के बाद देश में जारी तनाव को देखते हुए दोनों देशों में लगता उच्च स्तरीय बैठक हो रही है जिससे भी किसी भी प्रकार की सहमति पर विचार नहीं बन पा रहा है।आपको बता दें कि चीन की तरफ से बार-बार शांति का प्रस्ताव रखने के बावजूद भी भारत को अपनी ओर से पूरी तरह से तैयार रहना होगा। दुनिया के सभी देशों को पता है कि चीन एक ऐसा देश है जो कभी भी जल्द से जल्द अपना हार नहीं मान सकता। आपको बता दें कि शांति की आड़ में चीन प्लैनेट लैब्स की नई उपग्रह तस्वीरों और सिम टैक के विश्लेषण से पता चला है कि पीएलए विवादित क्षेत्रों के पास हेलीकॉप्टर समर्थित बेस तैयार कर रहा है।नई पीएलए संरचना क्षेत्र में चीन की दीर्घकालिक महत्वाकांक्षा को दर्शाती है। एक प्रमुख सैन्य विश्लेषक सिम टैक ने कहा, 'हेलीकॉप्टर संचालन के लिए बनाया जा रहा पीएलए बुनियादी ढांचे का निर्माण क्षेत्र में दीर्घकालिक चीनी महत्वाकांक्षाओं और जटिल इलाके में बड़े पैमाने पर तैनाती का समर्थन करने की उनकी क्षमताओं को दर्शाता है।' 1962 के चीन-भारत युद्ध से पहले चीन ने कहा कि भारत के साथ किसी भी विवाद को कूटनीतिक माध्यम से हल किया जाना चाहिए।
सूत्रों के मुताबिक पता चला था कि चीनियों द्वारा धोखे से जानबूझकर हरकतें की गई। भारतीय नेतृत्व, देश की खुफिया एजेंसियों और राजनयिकों को वह धोखे में रखने में सफल रहा। कुछ राजनीतिक रूप से प्रभावित उच्च-स्तरीय सैन्य अधिकारियों का मानना ​​है कि विवादित क्षेत्रों में झड़पें हो सकती हैं, लेकिन युद्ध की कोई संभावना नहीं थी।' उन्होंने यह भी कहा कि चीनी अंतर्राष्ट्रीय समुदाय को काफी हद तक गुमराह करने में सफल रहा है।

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