कानपुर एनकाउंटर: विकास दुबे की पत्नी और उसके बेटे को पुलिस कस्टडी से रिहाई, पुलिस ने पेश की क्लीन चिट;

उत्तर प्रदेश के कानपुर में हुए घटना के बाद उत्तर प्रदेश के नामी बदमाश विकास दुबे घटना के पूरे 7 दिन बाद पुलिस के हाथों चढ़ा था। उज्जैन से चार्टर्ड प्लेन के सहारे उसको कानपुर लाया गया जिसके बाद पुलिस हिरासत में ले जाते हो गाड़ी पलटने के दौरान पुलिस की हिरासत से भागने की कोशिश करते हुए विकास दुबे को गोली मार गिराया।एनकाउंटर के बाद हिरासत में लिए गए विकास दुबे की पत्नी ऋचा देवी तथा उसके पुत्र को पुलिस ने अपनी केस्टडी से रिहाई दे दी है।
कानपुर के एसएसपी दिनेश कुमार पी ने बताया कि ऋचा की कोई भूमिका नहीं मिली है। वहीं वारदात के समय ऋचा मौके पर मौजूद नहीं थी। इसे पहले विकास की पत्नी ऋचा और उसके बेटे को पुलिस को लखनऊ के कृष्णानगर इलाके से पकड़ा गया था। एसएसपी दिनेश कुमार पी ने इसकी पुष्टि की है। उनका कहना है कि ऋचा (विकास दुबे की पत्नी) की कोई भूमिका नही मिली है।वह घटना के वक्त बिकरू में नहीं थी।
बता दें कि 2 जुलाई की रात विकास दुबे ने अपने गुर्गों के साथ मिलकर दबिश देने पहुंची पुलिस टीम पर हमला किया था. इस हमले में क्षेत्राधिकारी देवेंद्र मिश्रा समेत आठ पुलिसकर्मी शहीद हो गए थे। इस घटना के बाद विकास दुबे अपने गुर्गों के साथ फरार हो गया था. 9 जुलाई को ही उज्जैन के महाकाल मंदिर के बाहर से विकास दुबे को पकड़ लिया गया। उसे कानपुर पुलिस और एसटीएफ की टीम कानपुर ला रही थी, तभी गाड़ी पलट गई और विकास दुबे हथियार छीनकर भागने लगा।पुलिस की जवाबी कार्रवाई में विकास दुबे भी मारा गया है।

Advertisement