अयोध्या में राम मंदिर को लेकर बढ़ी मुश्किलें, अयोध्या पहुंचे नृपेंद्र मिश्रा, पढ़े विस्तार से:

राम जन्मभूमि अयोध्या में राम मंदिर को लेकर बड़ी मुश्किलों के बाद राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा बुधवार देर शाम अयोध्या पहुंचे। इसके बाद से बैठकों का दौर जारी है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की 18 जुलाई को होने वाली अहम बैठक से पहले नृपेंद्र मिश्रा ने गुरुवार को श्रीराम जन्मभूमि ट्रस्ट तथा निर्माण समिति के पदाधिकारियों के साथ अयोध्या सर्किट हाउस में बैठक की। इसमें ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय, डीएम अनुज झा, कमिश्नर तथा एसएसपी आशीष तिवारी भी मौजूद रहे। बैठक खत्म करने के बाद यह लोग सभी रामजन्मभूमि परिसर की ओर निकल गए हैं।

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक 18 जुलाई को होगी।

इसकी तैयारी अंदर खाने में शुरू कर दी गई है। ट्रस्ट के सदस्य अनिल मिश्रा ने बताया कि यह बैठक केवल शिष्टाचार के लिए थी। बाकी 18 जुलाई को ट्रस्ट के सभी सदस्यों के साथ बैठक होगी। उसकी तैयारियां की जा रही हैं। कोरोना को देखते हुए इस बैठक को किया जाना है। प्रधानमंत्री के कार्यक्रम का निर्णय भी ट्रस्ट की बैठक में होगा।

नृपेंद्र मिश्रा की यात्रा कई मायनों में अहम है, क्योंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अयोध्या यात्रा को लेकर भी इस मीटिंग में चर्चा हो सकती है। अभी नृपेंद्र मिश्रा को 18 तक रुकना है। ऐसे में वह मॉडल या डिजाइन में बदलावा को लेकर चर्चा करेंगे। राम मंदिर का मॉडल तैयार करने वाले चंद्रकांत सोमपुरा के अलावा उनके बेटे निखिल सोमपुरा भी अयोध्या पहुंचे हैं, जो 18 तारीख की मीटिंग में शामिल हो सकते हैं।

कई संतों की राम मंदिर के डिजाइन में बदलाव को लेकर की गई मांग पर भी चर्चा हो सकती है। राम मंदिर निर्माण को लेकर सरकार की सभी तैयारियां कोरोनावायरस के संकट को देखते हुए की जा रही हैं। 18 जुलाई को होने वाली बैठक में मंदिर निर्माण समिति में कुछ नए चेहरे भी शामिल किए जा सकते हैं।

नृपेंद्र मिश्रा के साथ बड़े इंजीनियरों का एक दल भी अयोध्या पहुंचा है, जो मंदिर निर्माण की बारीकियों को देखेगा। ट्रस्ट के लोग और अयोध्या के संत लगातार प्रधानमंत्री मोदी से अयोध्या आने की अपील कर रहे हैं। हालांकि, अभी तक प्रधानमंत्री के आने के कोई संकेत नहीं मिले हैं।

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