भारत में बन चुका है कोरोना का दवाई, अब मानव पर किया जा रहा है परीक्षण, पूरी दुनिया हैरान: पढ़े विस्तार से:

2020 पूरी दुनिया के लिए एक ऐसा बरस रहा है जब पूरी दुनिया को रोना वायरस से परेशान है आपको बता दें कि दिन-प्रतिदिन कोरोना के मामले पूरी दुनिया को अपनी चपेट में लपेटे जा रहे हैं। इस बीमारी से छुटकारा पाने के लिए सभी देशों ने अपनी पूरी शक्ति लगा दिया है जिससे वह ऐसी दवाई बना सके जो इस बीमारी का जड़ से अंत कर दें परंतु आपको बता दें कि इस बीमारी को दूर करने के लिए भारत ने कड़ी मेहनत करने के बाद दवाई बना लिया है।
इस दवाई का परीक्षण चूहों और खरगोशों के बाद अब इंसानों पर किया जा रहा है। यह बहुत बड़ी खुशखबरी भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) की तरफ से दी गई है। संस्थान ने बताया है कि कोरोना वायरस के लिए 2 देसी वैक्सीन का ट्रायल लगातार आगे बढ़ रहा है और यह चूहों और खरगोशों पर इनकी टॉक्सिसिटी स्टडीज सफल रही है। ICMR के महानिदेश डॉ. बलराम भार्गव ने कोरोना पर प्रेस ब्रीफिंग के दौरान बताया कि अध्ययन के आंकड़े देश के ड्रग कंट्रोलर जनरल (DGCI) के पास भेज दिए गए हैं जहां से दोनों वैक्सीन का इंसानों पर परीक्षण करने की अनुमति मिल गई है।
उन्होंने कहा, 'इसी महीने हमें इंसानों पर प्राथमिक चरण के परीक्षण की अनुमति मिल गई। दोनों टीकों के लिए परीक्षण की तैयारी हो चुकी है और दोनों के लिए करीब 1-1 हजार लोगों पर इसकी क्लिनिकल स्टडी भी हो रही है।' भार्गव ने एक और बड़ी बात कही कि दुनिया में इस्तेमाल होनेवाले 60% वैक्सीन भारत में बनते हैं। यह बात दुनिया के हर देश को पता है। इसलिए, वो सभी भारत से संपर्क में हैं। 

भार्गव ने कहा कि रूस ने भी वैक्सीन इजाद करने की प्रक्रिया तेज कर दी है और उसे प्राथमिक चरणों में सफलता भी मिली है। रूस ने टीका विकसित करने में तेजी लाई है। साथ ही, चीन भी वैक्सीन तैयार करने में जोर-शोर से जुटा हुआ है। वहां वैक्सीन पर बड़ी तेजी से अध्ययन किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि अमेरिका में भी दो वैक्सीन पर काम तेज कर दिया है। उन्होंने कहा, 'आज आपने पढ़ा होगा कि अमेरिका ने अपने दो वैक्सीन कैंडिडेट्स को फास्टट्रैक कर दिया है। इंग्लैंड भी ऑक्सफर्ड यूनिवर्सिटी के वैक्सीन कैंडिडेट पर तेजी से काम बढ़ाने की तरफ है। वह इन्हें इंसानों के इस्तेमाल के लायक बनाने को लेकर तत्पर है।'

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