चीन का भूटान के साथ सीमा विवाद जारी, चीन का बयान तीसरे पक्ष को दखल देने की कोई आवश्यकता नहीं:

भारत और चीन के बीच अभी भी सीमा विवाद जारी है तथा दोनों देशों में स्थिति तनाव के चलते युद्ध के कगार पर पहुंच चुकी। आपको बता दें कि भारत ही एक ऐसा देश नहीं है जिसके साथ चीन की सीमा विवाद है बल्कि चीन के सभी पड़ोसी देशों के साथ उसका किसी न किसी प्रकार से तनाव जरूर है। बीते शनिवार को चीन ने यह जाहिर कर दिया कि उसका और भूटान के साथ सीमा विवाद है। आपको बता दें कि बीजिंग बार-बार अरुणाचल प्रदेश के क्षेत्र को अपना चित्र बताने की चेष्टा कर रहे हैं, जो बात चीन और भूटान की सीमा विवाद के लिए अति महत्वपूर्ण है। चीनी के विदेश मंत्रालय ने हिंदुस्तान टाइम्स को जारी एक बयान में कहा है कि चीन-भूटान सीमा को कभी भी सीमांकित नहीं किया गया है।
मंत्रालय ने कहा कि पूर्वी, मध्य और पश्चिमी सेक्टर में लंबे समय से विवाद चल रहा हैं। साथ ही यह भी कहा कि तीसरे पक्ष को इस मामले में दखल नहीं देना चाहिए। चीन का साफ इशारा भारत की तरफ है।
भारतीय अधिकारियों से चीन के दावे पर तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। हालांकि, चीन का दावा शुक्रवार को लद्दाख की यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस बयान के खिलाफ है कि "विस्तारवाद का युग" खत्म हो गया है। पीएम मोदी के इस बयान को चीन के लिए दिए गए संकेत के रूप में माना गया था कि भारत अपनी सीमाओं की रक्षा के लिए संकल्पबद्ध है। चीनी विदेश मंत्रालय ने कहा कि चीन हमेशा चीन-भूटान सीमा को लेकर बातचीत के लिए तैयार है।
भूटान के एक विशेषज्ञ ने बताया कि यह पूरी तरह से नया दावा है। दोनों पक्षों की बैठकों के हस्ताक्षर किए गए हैं, जो कि विवादों को केवल पश्चिमी और सेंट्रल तक सीमित करता है।

Advertisement