देश के मणिपुर राज्य में भारत का सैनिक बना देश का नंबर वन हीरो, सेवा के लिए हमेशा साथ रखता है हथियार, पढ़े विस्तार से:

भारत और चीन के बीच हुए पूर्वी लगाके गलवान घाटी पर हिंसक झड़प के बाद दोनों देशों की स्थितियों में अभी किसी भी प्रकार के सहमति नजर नहीं आ रही है
आपको बता दें कि घटना के पश्चात लगातार दोनों देशों के उच्च स्तरीय बैठक जारी है परंतु इससे किसी भी प्रकार का सुलझाओ नहीं बन पा रहा है
इसी बीच भारत के ऐसे वीर जवान सूबेदार हीरो बन चुके हैं। इनका नाम है जीतू राय। जीतू अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश के लिए कई खिताब जीत चुके हैं। उन्होंने वह भारतीय सेना के सूबेदार मेजर के तौर पर देश सेवा के लिए हमेशा तैयार रहते है। राय इन दिनों पूर्वोत्तर भारत के संवेदनशील क्षेत्रों में से एक मणिपुर में अपनी सेवाएं दे रहे है। 33 साल के इस निशानेबाज ने यहां पहुंचने से पहले इस क्षेत्र की पूरी जानकरी ले ली थी।

राय को अपनी रेजिमेंट 11 गोरखा राइफल्स से इस क्षेत्र में जुड़े हुए एक महीना हो गया। यह क्षेत्र उग्रवाद प्रभावित रह चुका है।
फौजी के तौर पर राय भारत-चीन सीमा पर हो रही गतिविधियों पर भी नजर रखे हुए हैं। उन्होंने कहा कि अगर आदेश मिला तो वह वहां जाने के लिए तैयार रहेंगे। खेल रत्न पुरस्कार से 2016 में सम्मानित होने वाले इस निशानेबाज ने कहा कि सूबेदार मेजर यही काम करते हैं। वे उन टीमों का नेतृत्व करते हैं जहां वे महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। मैं भारतीय सेना और अपने देश की सेवा करने के लिए हमेशा तैयार रहता हूं।

इस साल पद्मश्री से सम्मानित हुए राय ने कहा कि उन्हें कोई डर नहीं। उनकी पत्नी और एक 14 महीने का बेटा इंदौर में है। मणिपुर में तैनात होने से पहले राय इंदौर में ही थे। उन्होंने कहा कि मुझे उनकी बहुत याद आती है, लेकिन मैं जो कर रहा हूं इसे मैंने खुद चुना है। मैं लगातार उनसे बात करता हूं और जब मुझे छुट्टी लेने की अनुमति होगी तो मैं उनसे जाकर मिलूंगा।

विश्व चैम्पियनशिन, एशियाई और राष्ट्रमंडल खेलों अलावा कई खिताब जीतने वाले इस ओलंपियन ने कहा कि वह अपने नए काम में ढल गए है। उन्होंने कहा, ''मुझे यह बहुत पसंद है। मैं पहले भी पूर्वोत्तर का दौरा कर चुका हूं इसलिए मैं यहां ठीक हूं।" नए काम के जुनून के कारण अब निशानेबाजी उनके लिए दूसरी प्रथमिकता बन गई है। उन्होंने कहा, ''इस समय मेरे लिए सेना पहली प्राथमिकता है और निशानेबाजी दूसरी है। मैं हालांकि अपना अभ्यास जारी रखता हूं और जहां भी जाता हूं पिस्तौल ले जाता हूं।"

कई विश्व कप में स्वर्ण पदक जीतने वाले इस निशानेबाज ने हाल के दिनों के खराब प्रदर्शन पर पूछे जाने पर कहा, ''मैंने इतना भी बुरी नहीं किया है और मैं अभी भी एयर पिस्टल की राष्ट्रीय रैंकिंग में हूं। मैं अपनी तरफ से पूरी कोशिश कर रहा हूं और मुझे भरोसा है कि मैं फिर से अच्छा कर पाऊंगा।" रियो ओलंपिक के फाइनल में पहुंचने वाले राय ने कहा, ''मैं राष्ट्रीय टीम में वापसी के लिए कड़ी मेहनत करूंगा और ओलंपिक का भी लक्ष्य रखूंगा। नेपाल में जन्मे राय भारत से बस गए और 2006 में सेना में भर्ती हुए।

Advertisement