नौसिखिये एसटीएफ जवान की पिस्टल छीन कर भागा विकास, एनकाउंटर में मारा गया

आज सुबह 6.30  बजे विकास को कानपुर ले जा रही एसटीएफ की गाड़ी रहस्यमयी तरीके से पलट गई और 55 वर्षीय विकास दुबे जेम्स बांड की तरह एसटीएफ के नौसिखियों से पिस्टल छीन कर  एक रेसर की तरह दौड़ते हुए भागने लगा। अंततः एसटीएफ को विकास के ऊपर गोली चलानी पड़ी और विकास के साथ ही अनेक माननीयों और सफेदपोशों के काले रहस्यों की भी सांसे थम गईं. गाड़ी  के पलटने के साथ ही यह भी एक रहस्य है की हमेशा गाड़ी से चलने वाला विकास एसटीएफ के अतिप्रशक्षित और शारीरिक रूप से मजबूत जवानों से भी तेज़ दौड़ कैसे सकता था और तो और मिलिट्री हथियार चलाने में  माहिर आतंकी कसाब भी कभी  किसी भी सुरक्षाकर्मी की राइफल नहीं छीन सका लेकिन विकास ने छीन लिया। उपरोक्त घटनाओं से स्पष्ट होता है की या तो उत्तर प्रदेश पुलिस और एसटीएफ निकम्मी और अप्रशिक्षित है इसीलिए विकास दुबे को नहीं पकड़ सकी और अगर प्रशिक्षित है तो उपरोक्त घटनाक्रम बस एक कहानी मात्रा है जो बड़े बड़े माननीयों और सफ़ेदपोशों के नामो को बचने के लिए गढ़ी गई है.हैरानी की बात ये भी है की एक ऐसा मोड़ जहाँ मुड़ने के लिए मजबूरन गाड़ी की गति धीमी करनी पड़ती है वहां भी गाड़ी पलट गई और एसटीएफ की वही गाड़ी पलटी जिसमे विकास दूबे था। फिलहाल इस नाटकीय एन्काउंटर के बारे में उत्तर प्रदेश पुलिस के अधिकारियों ने अभी  चुप्पी साधी हुई है।  

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