लोकलाज के भय से पिता ने ही कर दी गर्भवती दुष्कर्म पीड़िता की हत्या, दफनाए शव को निकालने पर सामने आया सच

लोकलाज के भय से पिता ने ही अपनी गर्भवती दुष्कर्म पीड़िता बेटी की हत्या कर दी और  गांव में उसके आत्महत्या की बात प्रचारित कर के गांव वालों की सहायता  से बेटी की लाश को शमशान घाट में दफ़न  कर दिया।  गांव में सबको लग रहा था की युवती ने आत्महत्या की है लेकिन हत्यारे पिता का रहस्य तब सामने आया जब पुलिस ने दफनाई हुई लाश को  पोस्टमार्टम कराया, पोस्टमार्टम रिपोर्ट  से पता चला की युवती के पेट में 16 हफ्ते का गर्भ है। घटना कांडा  गांव की है जहाँ उक्त आत्महत्या का प्रचार करके पिता द्वारा युवती के शव को दफनाया जा चूका था  और सारे ग्रामीण भी इस घटना को आत्महत्या ही समझ रहे थे फिर एसपी रचिता जुयाल ने मामले को  संज्ञान में लिया और छानबीन शुरू कर दी, 9 जुलाई को ही किशोरी की  माँ ने कांडा थाने  में अज्ञात लोगों के खिलाफ उसकी नाबालिग बेटी से दुष्कर्म व आत्महत्या कारित करने के लिए प्रेरित करने की तहरीर दी जिसके आधार पर कांडा थाना में मुक़दमा दर्ज किया गया था।  एसपी रचिता के निर्देशन में पुलिस बल ने किशोरी के दफनाए गए शव को बाहर निकाला  और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया, शव के निकलने के दौरान जिला मोबाईल फोरेंसिक यूनिट ने मौके पर मौजूद साक्ष्य जुटाए।  पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला घोंट कर हत्या की पुष्टि हुई और पूछताछ के दौरान युवती के पिता पर संदेह गया। जब  पुलिस ने पिता से सख्ती की तो पिता ने अपना जुर्म कबूला और बताया की भय और आवेश में आकर उसने हत्या के वारदात को अंजाम दिया। उक्त हत्याकांड में पुलिस ने हत्या की धारा 302 और साक्ष्य छिपाने और गलत जानकारी देने की धारा 201  बढ़ा दी है एसपी रचिता ने कहा की कहा की  दुष्कर्म के मामले की जाँच जारी  है  संदिग्धों के डीएनए सैंपल  लिए जाएंगे और जाँच के बाद दुष्कर्म के आरोपियों पर सख्त कार्रवाही की जाएगी।

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