विकास दुबे के अंतिम संस्कार में परिवार वालों की गैरमौजूदगी, माता-पिता भी नहीं पहुंचे अंतिम विदाई के दौरान, पत्नी बोली सबसे बदला लूंगी:

उत्तर प्रदेश के कानपुर में हुए बदमाशों और पुलिस के बीच मुठभेड़ के दौरान 8 पुलिसकर्मी शहीद हो गए थे तथा सात पुलिसकर्मियों को घायल बताया जा रहा था। आपको बता दें कि मुख्य आरोपी कल पुलिस की हिरासत से भागने के दौरान एनकाउंटर में मारा गया जिसका नाम विकास दुबे है। उसके अंतिम संस्कार के समय उसके परिवार जनों में से बेटे के अलावा कोई नहीं पहुंचा। उसके बेटे ने पिता विकास दुबे को मुखाग्नि दी यहां तक की विकास के माता-पिता ने अंतिम संस्कार में जाने से मना कर दिया। दोनों ने पुलिस की इस कार्रवाई का समर्थन किया और शव को लेने या अंतिम बार उसे देखने से भी इंकार कर दिया था।

कहा कि जो हुआ अच्छा हुआ। इससे पहले कानपुर के ही हैलट अस्पताल में विकास का पोस्टमॉर्टम किया, जिसमें उसके शरीर से चार गोलियां निकाली गई, जिससे उसकी मौत हुई थी। अंतिम संस्कार की क्रिया खत्म होने के बाद विकास की पत्नी बेहद गुस्सा दिखी और कहा कि वक्त आने पर मैं सबका हिसाब करूंगी।

सबका हिसाब करूंगी-

ऋचा दुबे सुबह के वक्त हिरासत में थी। उसे जैसे ही पति के मारे जाने की खबर मिली वह फूट-फूट कर रोने लगी और पुलिस से उसका चेहरा देखने की मांग करने लगी। शाम को विकास के अंतिम संस्कार में वह उसका बेटा व एक अन्य रिश्तेदार ही मौजूद रहे। वहीं कई थानों की पुलिस भी मौजूद रही। वहां से निकलते समय ऋचा किसी मीडियाकर्मी से मुखातिब नहीं हुई, लेकिन दूर जाने पर भद्दी-भद्दी गालियां देते हुए बोलीं कि वक्त आने पर मैं सबका हिसाब करूंगी।

आपको बता दें कि विकास दुबे के एनकाउंटर के पश्चात पुलिस हिरासत में लिए गए उसके बेटे और पत्नी को क्लीन चिट देकर रिहा कर दिया गया है।

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