भारतीय सेना की बड़ी सफलता, चीन सेना ने घाटी से पीछे हटाए कदम

सैन्य वार्ता  के बाद अचानक से नरेन्द्र मोदी का लद्दाख का दौरा और भारतीय सेना की ऐतिहासिक आक्रामकता, उपरोक्त घटनाओं के निरंतर क्रमों  के परिणामों को चीन ने समय रहते समझा और अपनी सेना को पीछे खींच  लिया। बताते चले कि भारत और चीन के बीच सीमा विवाद अप्रैल महीने के अंत के साथ ही शुरू हुआ था और उसके बाद विवाद बढ़ते गए । बढ़ते विवादों ने अंततः 15 जून को आक्रामक रूप लेे लिया और इसी  दिन चीन कि तरफ से कायराना हरकत हुई। चीनी सेना ने भारतीय सीमा को पार करके भारत आधिकारिक क्षेत्र में घुसपैठ की कोशिश की भारतीय सैनिकों ने उन्हें रोकने का प्रयास किया तब भी चीनी सेना नहीं मानने पर आमदा थी अंततः दोनों सेनाओं के बीच हिंसक झड़प हो गई और दोनों देशों को सैन्य नुक़सान हुआ। इस हिंसक झड़प में भारतीय सैनिकों द्वारा चीनी सेना से बड़ी संख्या में सैनिकों की कमी की गई। हालांकि भारत के भी 20 जवान शहीद हुए और कुछ जवान घायल भी हो गए। जवानों की शहादत से गुस्साए भारतीय जनता ने चीनी वस्तुओं का विरोध करना शुरू कर दिया था। फिर भारत सरकार ने चीनी एप्स को बैन करके चीन को बहुत बड़ा आर्थिक झटका दिया।अंततः भारत सरकार और सेना की तरफ से बढ़ रहे दबाव को चीन झेल ना सका और अपनी सेना को सीमा से पीछे खींच लिया।

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