पुलिस के दबोचने के बाद विकास दुबे ने किया खुलासा , हैवानियत सुनकर कांप उठेंगे आप: पढ़े विस्तार से

उत्तर प्रदेश के कानपुर में गए दबिश देने के इरादे से पुलिसकर्मियों का अचानक हुए हमले में 8 पुलिसकर्मी शहीद हो गए तथा सात पुलिसकर्मियों को घायल बताया जा रहा था। इस घटना का मुख्य आरोपी विकास दुबे जो पिछले घटना के समय से ही फरार था उसको पुलिस ने बृहस्पतिवार को सुबह मध्य प्रदेश के उज्जैन से गिरफ्तार किया गया। पुलिस के पूछताछ के दौरान विकास दुबेे ने अपनेेे सभी प्रकार के गुनाहों को कबूल किया। तथा केश के सभी खुलासे किए जिसको सुननेेे के बाद आप पूरीीीीी तरह से बौखला जाएंगे।
उसने सभी गुनाहों को कबूल कर घटना को विस्तार से जानकारी दी।
1. हमें एनकाउंटर का खतरा था इसलिए हथियार के साथ अपने आदमियों को बुला लिया।
2. मृतक पुलिसवालों के शवों को जलाना चाहता था, इसलिए शवों को घर के ठीक बग़ल में कुएं के पास पाँच पुलिसवालों की लाशों को एक के ऊपर एक रखा गया था जिससे उनमें आग लगा कर सबूत नष्ट कर दिए जाएं
3.लाशों को आग लगाने के लिये घर के पचास लीटर के गैलन में तेल रखा गया था।
4.लाशें इकट्टठा करने के बाद हमें मौक़ा नहीं मिला। फिर पुलिस की दूसरी टीम आ गई फिर हम वहां से फऱार हो गए।
5. हमारा कई पुलिसवालों से कॉन्टैक्ट्स था।
6. पुलिस की रेड के बारे में बहुत पहले से जानकारी थी।
7. एसओ विनय तिवारी ने बताया कि सीओ देवेद्र मिश्रा तुम्हारे खिलाफ हैं। लिहाजा मुझे सीओ पर ग़ुस्सा था।
8. देवेद्र मिश्रा से हमारी बनती नहीं थी, कई बार वो मुझसे देख लेने की धमकी दे चुके थे। हमारी बहस भी हो चुकी थी।
9.सीओ देवेद्र मिश्रा को मैंने नहीं मारा लेकिन मेरे साथ के आदमियों ने दूसरी तरफ के आहाते से कूदकर मामा के मकान के आँगन में मारा था।
10. सीओ देवेद्र मिश्रा के पैर पर भी वार किया था क्योंकि मुझे पता चला था कि वो बोलता है कि विकास का एक पैर गड़बड़ है दूसरा भी सही कर दूँगा। सीओ का गला नहीं काटा था, गोली पास से सिर में मारी गयी थी इसलिये आधा चेहरा फट गया था।
गौरतलब है कि बीते 2-3 जुलाई की देर रात कानपुर के चौबेपुर थाना क्षेत्र के बिकरू गांव निवासी विकास दुबे को पकडऩे पहुंची पुलिस टीम पर हमला कर दिया गया था जिसमें 8 पुलिसकर्मियों की मौत हो गयी थी। जबकि कई पुलिसकर्मी गंभीर रूप से जख्मी हाे गए।

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