चीन के लिए एक और बुरी खबर, अमेरिका ने फिर दिया भारत का साथ चीन के खिलाफ बनाई ऐसी योजना,,,, आइए जाने;;

चीन भारत के पूर्वी लगाके गढ़वाल घाटी पर झड़प के बावजूद दक्षिणी चीन सागर में अपनी घुसपैठ बढ़ाते जा रहा है। तथा चीन दूसरे देशों के खिलाफ अपनी सैन्य अभ्यास जारी रखा है। इसी बीच अमरीकी नौसेना दक्षिण चीन सागर में स्वतंत्र और खुले हिंद-प्रशांत क्षेत्र का समर्थन करते हुए ड्यूल कैरियर ऑपरेशन और अभ्यास कर रही है। भारत और चीन के बीच लद्दाख में महीनों से चल रहे सीमा गतिरोध के बीच अमरीकी नौसेना का यह अभ्यास इसका प्रमाण है कि वह भारत के साथ है।

रोनल्ड रीगन कैरियर स्ट्राइक ग्रुप के लिए एक्रीडीशन इन पब्लिक रिलेशन एंड मिलिट्री पब्लिक अफेयर्स अधिकारी लेफ्टिनेंट कमांडर शॉन ब्रोफी के अनुसार यूएसएस निमित्ज ( सीवीएन 68 ) और यूएसएस रोनल्ड रीगन (सीवीएन 76 ) दक्षिण चीन सागर में स्वतंत्र और खुले भारत-प्रशांत क्षेत्र का समर्थन करते हुए अभ्यास कर रही है।

इससे पहले दक्षिण चीन सागर में बीजिंग के सैन्‍य अभ्‍यास को लेकर अमरीका ने चिंता जाहिर की थी। अमरीकी रक्षा विभाग ने 1 से 5 जुलाई को दक्षिण चीन सागर में पैरासेल द्वीप समूह के आस-पास पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना की ओर से किए गए सैन्य अभ्यास पर चिंता व्यक्त करते हुए एक प्रेस बयान भी जारी किया। अमरीकी विदेश विभाग के प्रवक्ता मॉर्गन ऑर्टागस ने कहा था कि अमरीका एससीएस में पीआरसी के गैरकानूनी दावों का विरोध करता है। चीन का यह सैन्‍य अभ्‍यास 2002 घोषणापत्र का सरासर उल्‍लंघन है। अमरीकी रक्षा विभाग का कहना है कि चीन का यह सैन्‍य अभ्‍यास चीन की सोची-समझी रणनीति का हिस्‍सा है। चीन के समुद्री क्षेत्र पर अवैध दावों के लिए ऐसा कर रहा है।

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