गाँव में विकास दुबे का खौ’फ ऐसा था कि लोगों को पानी पीने के लिए लेनी पड़ती थी इजाज़त, फैक्ट्री मालिक खुद…

कानपुर ह’त्याकां’ड में एक बड़ा खु’लासा हुआ है. पिछले तीन दिन से पुलिस को इस मामले से जुड़े कई सुराग मिलते रहें हैं. जिसके बाद आये दिन खुलासा होता रहा हैं. अब इस मामले में जब कॉल डिटेल निकाली गई तो कई पुलिसकर्मी भी विकास दुबे के संपर्क में थे. जिसके बाद पुलिस के ऊपर भी कार्य’वाई शुरू हो गई हैं.  इतना ही नहीं जिस गाँव में ये कुख्यात अपराधी विकास दुबे रहता था वहां इसकी तूती बोलती थी.

उसका खौ’फ ऐसा था कि एक समय बिना विकास की इजाजत के कोई पानी भी नहीं पी सकता था. फैक्ट्रियां उसे चंदा पहुंचाती थीं और नाम लेने भर से बसों में किराया नहीं लिया जाता था. जीटी रोड के किनारे चौबेपुर इंडस्ट्रियल एरिया में करीब 400 फैक्ट्रियां हैं. नामी फैक्ट्रियों से उसे सालाना चंदा मिलता था. विकास की कमाई का दूसरा बड़ा जरिया वि’वादास्पद संपत्ति को खरीदना था. जो भी क्षेत्र में किसी भी तरह की संपत्ति को खरीदता है. तो उस इंसान को विकास को टैक्स देना होता था.

वहां के रहने वाले लोगो का कहना है कि गाँव में कई साल पहले नल नहीं लगे थे. जब पानी की समस्या होती थी तो विकास के घर के पास एक कुवां था. जहाँ  से लोग पानी भरते थे. लेकिन उससे पहले उनको विकास से इजाज़त लेनी होती थी तब वो पानी भर सकते थे. अगर आप बिना इजाज़त के पानी भरते हो तो विकास के गुं’डे आपको बे’रहमी से मारते थे और कभी कभी तो विकास के गुं’डे उन लोगों को उसी कुवें में गिराकर मा’रने की भी कोशिश कर चुके हैं. इससे ये साफ़ पता चलता है की विकास का खौ’फ कितना ज्यादा था.



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