कोरोना काल के बीच जेल में बंद भाइयों को एक अगस्त तक बहनें भेज सकेंगी राखी, मिठाई पर रहेगा प्रतिबंध

लखनऊ. कोरोना वायरस (Corona Virus) के संक्रमण ने आने वाले त्योहारों पर कहर बरपाया है। उत्तर प्रदेश के जेलों में बंद कैदी भी संक्रमण से अछूते नहीं हैं। सूबे की स्थायी व अस्थायी जेलों में कोरोना संक्रमण का आंकड़ा 600 के पार पहुंच गया है। कोरोना के कारण आगामी त्योहार की रंगत फीकी न पड़ जाए, इसके लिए जेलों में संक्रमण की रोकथाम के लिए कड़े इंतजाम किए जा रहे हैं। डीजी जेल आनंद कुमार ने रक्षाबंधन के मद्देनजर जेल में खास प्रबंधन करने का निर्देश दिए हैं। इस बार जेल में भाईयों के लिए राखी तो जाएगी लेकिन बहनें मिठाई नहीं भेज पाएंगी।

डीजी जेल आनंद कुमार ने जेल के बाहर अलग-अलग काउंटर बनाने को कहा है। इसमें कोविड हेल्प डेस्क संबंधी सभी निर्देशों का पालन सुनिश्चित किया जाएगा। सभी बंदियों की जांच कराई जाएगी। डीजी ने कहा कि रक्षाबंधन पर अनुमन्य राखी, चंदन, चावल व अन्य सामग्री को एक लिफाफे में रखकर उस पर बंदी का नाम और सामग्री देने वाले परिवारीजन का नाम व पता दर्ज होगा। किसी प्रकार की खाद्य सामग्री व मिठाई स्वीकार नहीं की जाएगी। मुलाकात भी पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेगी। डीजी ने कहा कि एक अगस्त की शाम चार बजे तक रक्षाबंधन की संबंधी सामग्री ली जाएगी, जिसे सैनेटाइजेशन के बाद तीन अगस्त को संबंधित बंदियों को वितरित किया जाएगा।

बंदी भी बनाएंगे राखी

जेलों में मास्क बनाने के बाद अब बंदी राखी भी बनाएंगे। इन राखियों को मार्केट में बेचा जाएगा। मथुरा में 20 बंदियों ने दो हजार से अधिक राखी बनाई हैं। इनमें तिरंगा से लेकर कार्टून और एलईडी बल्ब लगी राखियां बनाई गई हैं।

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