ना ही अनुभवी लड़ाके और ना ही अनुभवी एनकाउंटर मास्टर ,कानपुर एनकाउंटर में असफलता का कारण बनी पुलिसबल की सुस्ती


          कानपुर में हुई वीभत्स मुठभेड़ में नाकामी के पीछे कहीं ना कहीं पुलिस बाल की सुस्ती और रणनीतिक चूक भी जिम्मेदार है। घटना के पहले भी विकास के गांव में दबिश देना पुलिस के लिए कठिन काम रहा है पुलिस पर ऐसे हमले होते रहे है लेकिन  कल का हमला एक बड़ा मुठभेड़ का कारण बना और मुठभेड़ में आठ पुलिस कर्मी शहीद हो गए। विकास के घर दबिश देने वाली पुलिस की टीम में ना अनुभवी लड़ाके थे और ना ही कोई एनकाउंटर विशेषज्ञ और तो और पुलिस ने विकास के आपराधिक इतिहास से भी कोई सबक नहीं लिया। विकास का आपराधिक इतिहास जिसमे विकास ने शिवली थाने में घुसकर दर्जाप्राप्त राज्य मंत्री के हत्या का दुस्साहस किया था और साथ  ही विकास के लिए बिकरू गांव एक अभेद्य किले जैसा था। जिसे तोड़ने के लिए बेहतर होता की पुलिस रणनीति बना कर जाती। लेकिन ऐसा ना करके पुलिस सीधे दबिश टीम लेकर विकास के घर पहुंच गई जहा विकास और बीकरू के खूंखार अपराधी पुलिस के अपर्याप्त फोर्स पर भारी पड़े और परिणाम स्वरूप मुठभेड़ हो गई।

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