अब चीन को सबक सिखाएगा जापान, बना रहा दुनिया का सबसे शक्तिशाली फाइटर प्लेन: पढ़े विस्तार से

भारत और चीन के तनाव दिन प्रतिदिन बढ़ते जा रहे हैं।उच्च स्तरीय बैठकों के दौरान भी दोनों देशों में किसी भी प्रकार की सहमति नजर नहीं आ रही है चीन भारत को छोड़कर अमेरिका जापान आस्ट्रेलिया ताइवान आदि देशों के साथ भी इसके संबंध कुछ खास ठीक नहीं है। जिसके चलते दुनिया के कुछ प्रमुख देश अपनी सैन्य शक्ति को मजबूत करने में लग गए हैं।आपको बता दें कि भारत चीन से युद्ध के लिए अपनी संपूर्ण तैयारियां कर चुका है तथा नए नए अत्याधुनिक हथियार फाइटर प्लेन मिसाइल तथा कई प्रकार के विध्वंसक हथियारों से भारत खुद की हिफाजत कर सकता है।
भारत औरचीन और जापान के बीच तो को देखते हुए जापान दुनिया का सबसे शक्तिशाली फाइटर प्लेन बनाने की तैयारी में जुटा हुआ है संभावना है कि अगले दशक में देश की महत्वपूर्ण वायु रक्षा भूमिका संभालने के लिए एक डबल इंजन वाला विमान तैयार कर लिया जाएगा।

इसके लिए 2020 के रक्षा बजट में 261 मिलियन डॉलर (28 बिलियन येन) से अधिक का आवंटन किया गया है, जिसे एफएक्स के नाम से जाना जाता है। इसमें ड्रोन विकसित करने के लिए धन भी शामिल है, जो स्टील्थ जेट्स के साथ काम कर सकता है।

F-15J जेट विमानों के साथ 1995 में पहली बार उड़ान भरने वाले F-2 ने टोक्यो की वायु रक्षा को मजबूत किया था। विशेष रूप से जापान का प्रतिद्वंद्वी चीन नए फाइटर जेट्स में निवेश कर रहा है, जिसमें जे-20 शामिल हैं। जापानी रक्षा मंत्री तारो कोनो ने पिछले महीने जापानी लड़ाकू बेड़े को बढ़ाने पर दबाव दिया, जब उन्होंने कहा कि जापान की वायु आत्मरक्षा बल जापानी क्षेत्र के पास चीनी सैन्य उड़ानों के जवाब में लड़ाकू जेट विमानों को मजबूत करने की तरफ कदम बढ़ाएगी।

अमेरिकी रक्षा सुरक्षा सहयोग एजेंसी, 'यह प्रस्तावित बिक्री संयुक्त राज्य अमेरिका की विदेश नीति के लक्ष्यों और राष्ट्रीय सुरक्षा उद्देश्यों का समर्थन करेगी, जो एशिया-प्रशांत क्षेत्र में राजनीतिक स्थिरता और आर्थिक प्रगति के लिए एक प्रमुख सहयोगी है। यह अमेरिका के राष्ट्रीय हित के लिए महत्वपूर्ण है कि वह जापान को मजबूत और प्रभावी आत्म-रक्षा क्षमता विकसित करने और बनाए रखने में सहायता करे। इस सौदे की लागत का अनुमान 23 बिलियन डॉलर है।

नई खरीद के साथ, जापान एफ-35 को संचालित करने की योजना बना रहा है। देश के मुख्य द्वीप होंशू के उत्तरी किनारे पर मिसावा एयर बेस में 13 विमानों का पहला स्क्वाड्रन पिछले साल चालू हुआ था। उन विमानों में से एक अप्रैल में एक रात के प्रशिक्षण मिशन के दौरान प्रशांत में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। पेंटागन ने एफ-35 को दुनिया के सबसे उन्नत एवियोनिक्स, इंजन और हथियार के साथ 'सबसे सस्ता, घातक, सहायक और जीवित रहने योग्य विमान' बताया है।

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