विकास दुबे के गिरोह का एक और बदमाश शशिकांत पांडेय गिरफ्तार , बयान "विकास दुबे ने कहा था पुलिस कर्मियों की लाश गिराना है मामा:

उत्तर उत्तर प्रदेश के कानपुर में हुए पुलिस और बदमाशों के बीच मुठभेड़ के दौरान 8 पुलिसकर्मी शहीद हो गए थे तथा 7 पुलिसकर्मी घायल बताए जा रहे थे। आपको बता दें कि इस घटना का मुख्य आरोपी विकास दुबे को पुलिस ने एनकाउंटर के दौरान मार दिया है।आज विकास दुबे के गिरोह का एक और बदमाश शशिकांत पांडे पुलिस के हत्थे चढ़ा है जिस ने बयान में कहा कि विकास दुबे ने जबरन पुलिस पर गोलियां चलाने को मजबूर किया था
विकास दुबे का अल्फाज था कि अगर कोई पुलिस पर गोली नहीं चलाएगा तो मैं उसे गोली से मार दूंगा।
विकास दुबे ने पांच घंटे में हथियारबंद लोगों को जुटाए और युद्ध जैसी रणनीति के तहत गुर्गों को तैनात किए। शशिकांत की बातों पर भरोसा करें तो विकास ने पहले से ही इस बात की तैयारी कर ली थी कि कोई बचकर नहीं जाएगा। पुलिस पर हमले का नेतृत्व कर रहा विकास अंजाम से पूरी तरह बेखौफ था।

भरोसेमंद गुर्गों को अलग-अलग जिम्मेदारी सौंपी और हर कोने में तैनात कर दिए।

पुलिस के इंट्रोगेशन में शशिकांत ने विकास की पूरी रणनीति का खुलासा कर दिया। उसने यह भी बताया कि हमले वाली रात कौन किस छत पर तैनात था। विकास दुबे ने अपनी दोनों छतों पर हथियारों से लैस लोगों को लगा दिया था। एक छत पर वह खुद अमर दुबे, अतुल दुबे, दयाशंकर के साथ असलहों का जखीरा लेकर मोर्चा ले रहा था। उसकी दूसरी छत से राम सिंह, अखिलेश मिश्रा, बिपुल दुबे और दो अन्य लोग फायरिंग कर रहे थे। शशिकांत के घर की छत पर उसके पिता प्रेम प्रकाश, गोपाल, हीरू, वह खुद और दो अन्य लोग गोलियां चला रहे थे। मुठभेड़ में मारे गए प्रभात मिश्रा घर की छत पर उसके पिता राजेंद्र मिश्रा, प्रभात मिश्रा, शिवम, बाल गोविंद और एक अन्य व्यक्ति हथियारों के साथ मुस्तैद थे।

प्रेम प्रकाश लेकर आया था जेसीबी
शशिकांत ने पुलिस को बताया कि जेसीबी गांव के बाहर खड़ी थी। उसके पिता प्रेम प्रकाश जेसीबी चलवाकर लाए थे और अपने दरवाजे पर लगाकर रास्ता रोक दिया था।

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