पत्रकार विक्रम जोशी ने कोमा में जाने से पहले आखिरी बार बेटी को दिया था सफलता का ये मंत्र

गाजियाबाद. बड़े होकर एक काबिल महिला बनना और मम्मी व बहन को कभी नहीं छोड़ना... ये वे शब्द थे जो पत्रकार विक्रम जोशी कोमा में जाने से पहले अपनी बेटी से कहे थे। इसके बाद बुधवार की सुबह इलाज के दौरान विक्रम जोशी ने दम तोड़ दिया। बता दें कि सोमवार की रात जब विक्रम जोशी पर हमला किया गया तो उनकी दोनों बेटियां उनके साथ ही थीं।

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यहां बता दें कि पत्रकार विक्रम जोशी की बड़ी बेटी 9 वर्ष की है। वह बताती है कि जब हम लोग पापा के साथ घर की तरफ जा रहे थे। इसी बीच एक शख्स ने अचानक हमारी बाइक रोक दी। वहीं, दूसरे ने पापा को डंडा मार दिया। यह देख मैं काफी डर गई थी और छोटी बहन को एक दुकान के पीछे छिपा दिया। जैसे ही मैं पापा के पास पहुंची तो एक शख्स ने पापा के सिर में गोली मार दी। गोली लगते ही पापा जमीन पर गिर गए। मैं बहुत रोई और लोगों से हेल्प मांगी, लेकिन किसी ने हमारी मदद नहीं की।

पुलिस ने दर्ज किया छेड़खानी का केस

पत्रकार विक्रम जोशी हत्याकांड में पुलिस ने अब तक 9 आरोपियों को पकड़ा है। जबकि अकाश बिहारी अभी फरार बताया जा रहा है। पुलिस ने रवि, छोटू और उनके दो साथियों के खिलाफ छेड़छाड़ का मुकदमा दर्ज किया है। विक्रम जोशी और उनकी बहन ने 16 जुलाई को केस दर्ज कराया था। एसएसपी कलानिधि नैथानी ने बताया कि चार लोगों के खिलाफ आईपीसी 354, 323 और 504 के तहत केस दर्ज कराया है।

पुलिस के खिलाफ कार्रवाई की मांग

विक्रम जोशी के परिजनों का कहना है कि अब एफआईआर करने का कोई मतलब नहीं है, क्योंकि वह अब तो वह विक्रम को ही खो चुके हैं। परिजनों ने विजय नगर पुलिस थाने के उन पुलिसकर्मी के खिलाफ कार्रवाई भी की मांग की है, जिन्होंने विक्रम की शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं की थी। विक्रम के भाई अनिकेत का आरोप है कि हमले वाली रात आरोपियों ने पिस्तौल दिखाते हुए धमकी भी दी थी।

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