पाक विदेश विभाग और प्रधानमंत्री इमरान खान के बीच टकराव, विदेश विभाग का बयान चीन को समर्थन पड़ सकता है महंगा: पढ़ें विस्तार से

भारत और चीन के बीच बढ़ते विवाद को देखकर एक पड़ोसी देश पाकिस्तान इस मौके का फायदा लेना चाहता है। पाकिस्तान ने एलओसी पर अपने 20000 सैनिकों को तैनात कर भारत के साथ भिड़ंत की योजना बनाई है
आपको बता दें कि या आए दिनों जम्मू कश्मीर में पाकिस्तानी सैनिकों द्वारा हो रहा है लगातार सीजफायर से पाकिस्तान का मन भापा जा सकता है।
इसी बीच पाकिस्तान के विदेशविभाग और इमरान खान के बीच तकरार जारी है,विदेश विभाग ने कहा कि अगर पाकिस्तान ने चीन का समर्थन करना नहीं छोड़ा तो उसे वैश्विक स्तर पर अलगाव का सामना करना पड़ेगा।
पाकिस्तान विदेश विभाग ने कहा कि भारत से तनातनी कोरोना संकट के कारण चीन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आलोचना का सामना कर रहा है. अगर पाकिस्तान चीन के साथ अपनी नीतियों की समीक्षा नहीं करता है तो उसे विश्व की आर्थिक महाशक्तियों के गुस्से का सामना करना पड़ सकता है। जो भारत के साथ टकराव के बाद चीन को विश्व स्तर पर बहिष्कृत करने का काम कर रही है।
इधर, पीएम इमरान खान ने कहा कि चाहे जो भी हो जाए उनकी सरकार महत्वाकांक्षी चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (सीपीईसी) को किसी भी कीमत पर पूरा करेगी. उन्होंने कहा कि 60 अरब डॉलर की यह परियोजना दो देशों की सदाबहार दोस्ती की प्रतीक है. स्थानीय अखबार डॉन की एक खबर के अनुसार, खान ने सीपीईसी परियोजना की प्रगति की समीक्षा के लिये यहां आयोजित एक बैठक में कहा कि यह पाकिस्तान के आर्थिक व सामाजिक विकास के लिये शानदार परियोजना है।

Advertisement