पान किसानों को मिला सरकारी अनुदान पर अफसर ने अटकाया रोड़ा

ललितपुर. जनपद ललितपुर के तहसील पाली के स्थानीय कस्बा में पान की खेती करीब 50 साल से हो रही है। यहां का पान यूपी के साथ के अन्य कई राज्यों में प्रसिद्ध है। बल्कि यूं कहें कि तहसील पाली का क्षेत्र पान किसानों के नाम से जाना जाता है। इन सब के बावजूद इस क्षेत्र का पान किसान पिछले कई वर्षों से काफी परेशान हो रहा है कभी मौसम का कहर तो कभी त्रासदी की मार झेल रहा है। आलम यह है कि अत्यधिक गर्मी पड़ने य फिर अत्यधिक बरसात होने से पान की खेती चौपट हो जाती है। जिससे किसानों को बड़े आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ता है। यही कारण है कि यहां का पान किसान काफी समय से आर्थिक रूप से कमजोर है। पान किसानों का लगातार शासन प्रशासन से आर्थिक मदद के रूप में अनुदान दिलाए जाने की गुहार लगाई जाती रही है।

सीएम योगी ने पूरा किया वादा :- तब कहीं जाकर प्रदेश सरकार ने उनकी बात सुनी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किसानों को अनुदान दिलाए जाने का वादा भी किया। जिसके बाद एक शासनादेश जारी कर पान किसानों से ऑनलाइन आवेदन करने की बात कही गई। शासनादेश के बाद काफी किसानों ने ऑनलाइन आवेदन भी किया। जिस पर सूबे के 14 चयनित किसानों को 50 हजार रुपए प्रति किसान अनुदान देने का सरकार का आश्वासन भी दिया गया।

जिला उद्यान अधिकारी ने दिखाया ठेंगा :- लेकिन जिला उद्यान अधिकारी की लापरवाही की वजह से सरकार द्वारा भेजी गई अनुदान राशि किसानों को अभी तक प्राप्त नहीं हो सकी और जब किसानों ने अधिकारियों से इस बारे में पूछा तो अधिकारियों ने उनसे यह कह दिया कि कोरोना महामारी से सरकार से भेजा गया अनुदान वापस मंगा लिया गया। इसीलिए अब तुम लोगों को उक्त अनुदान राशि नहीं मिल सकती। किसानों ने जिला उद्यान अधिकारी पर यह भी आरोप लगाया कि जब ऑनलाइन फार्म भरे जा रहे थे तब यहां पर तैनात एक कर्मचारी ने उनसे 500 रुपया प्रति फार्म के हिसाब से पैसा भी वसूला।

कलक्ट्रेट परिसर में पान किसानों का प्रदर्शन :- जिला उद्यान अधिकारी की बात सुनकर किसानों में मायूसी छा गई और आर्थिक रूप से परेशान किसानों ने एकजुट होकर कलक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन किया तथा राष्ट्रीय पान किसान यूनियन के बैनर तले किसानों ने जिलाधिकारी को इस बाबत में ज्ञापन सौंपा। जिसके माध्यम से उक्त मामले में पान किसानों ने जिलाधिकारी से मांग उठाई है कि उन्हें शासन द्वारा जारी किया गया अनुदान राशि दिलाई जाए एवं इस मामले में लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ कानूनी कार्यवाही भी की जाए। दिए गए ज्ञापन पर संजीव कुमार चौरसिया पुरुषोत्तम रघुवीर सिंह राजा राम गंगाराम हरिओम मुकेश रामसेवक वृंदावन रामचरण आदि पान किसानों के हस्ताक्षर बने हुए हैं।

अफसर की लापरवाही पड़ी भारी :- इस मामले में संजीव चौसरिया और हरिओम चौरसिया पान किसानों ने बताया कि उन्होंने 1000 वर्ग मीटर में अपने पान के बरेजे लगाए थे। जिनके लिए आर्थिक मदद की जरूरत थी। जब हमने सरकार से गुहार लगाई और काफी प्रयास कीजिए तब उन्हें सरकार से अनुदान राशि दी गई थी। लेकिन यहां के अधिकारी और कर्मचारियों की लापरवाही की वजह से वह अनुदान राशि उन्हें अब तक प्राप्त नहीं हो सकी अधिकारियों से पूछा गया तो अधिकारियों ने कह दिया कि उक्त राशि वापस चली गई है। अब हम ने जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर उक्त मामले में कार्यवाही की मांग उठाई है।



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