गलवान घाटी में बढ़ती गर्मी को देखकर चीनी सेना को हटना पड़ सकता है पीछे, आइए जाने सीमा पर की पूरी खबर:

भारत और चीन के हिंसक झड़प के बाद दोनों देशों में लगातार तनाव बढ़ते ही जा रहे हैं आपको बता दें कि चीनी सेना अपने सैनिकों को गलवान घाटी के पीछे हटाने की भी कोशिश नहीं कर रही।चीनी सेना का दावा कर रही है कि गलत मान घाटी पर उसके सामने पहले से ही बहुत अंदर घुस चुके हैं परंतु भारत सरकार ने इस दावे को खारिज कर दिया है।आपको बता दें कि सीमा पर बहुत ही गलवान नदी और चीनी सैनिकों के लिए दुश्मन बनती जा रही है। दरअसल जिस गलवान नदी के किनारे चीन की सेना खड़ी है, वहां बाढ़ जैसे हालात बन रहे हैं। ऐसे में चीनी सैनिकों को पीछे हटाना पड़ सकता है।सेना के अधिकारी ने बताया कि, सेटेलाइट और ड्रोन की तस्वीरों से भी इस बात के संकेत मिल रहे हैं कि चीन ने जहां टेंट गाड़े थे वहां पानी भर गया है।

अत्याधिक ठंड़े पानी के कारण उन्हें काफी मुश्किलें हो रही है।

सीमा पर मौजूद भारतीय सेना के कमांडर ने बताया कि चीन के लिए अब यहां ज्यादा देर रुकना मुश्किल हो रहा है। ऐसी स्थिति में गलवान, गोगरा, हॉट स्प्रिंग्स और पैंगोंग त्सो में चीन की सैन्य तैनाती को बनाये रखना अब किसी तरह आसान नहीं होगा।उन्होंने कहा कि अगर चीन वास्तविक नियंत्रण रेखा पर स्थिति को बहाल नहीं करता है तो गतिरोध सर्दियों के महीनों में भी जारी रह सकता है। बता दें कि, भारत और चीन की सेना के वरिष्ठ अधिकारियों को बीच पांच मई से शुरू गतिरोध को कम करने के लिए तीन राउंड बातचीत हो चुकी है। इस तरह की कवायद शुरू करने पर व्यापक समझौते भी हुए। लेकिन पहले समझौते के दस दिन बाद यानी 15 जून को दोनों देशों के सैनिकों के बीच हिंसक झड़प हुई। जिसमें हमारे 20 सैनिक शहीद हो गए थे. कहा जा रहा है कि सैनिकों की जान गलवान नदी में गिरने से हुई।

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