केंद्र सरकार ने लिया ऐसा फैसला, जिसको सुनकर सभी कर्मचारियों की खुशी का ठिकाना ना रहा:

करुणा काल में जहां सभी कर्मचारी इस बीमारी से सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं उसी दौरान केंद्र सरकार ने कर्मचारियों के लिए एक अहम फैसला लिया है जिसमें नाइट ड्यूटी करते सभी कर्मचारियों का नाइट ड्यूटी भत्ता लागू करने का फैसला किया है। कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग ने इस बारे में सूचना जारी की। विभाग ने यह निर्देश पिछले हफ्ते 13 जुलाई को जारी किया है और इसे 1 जुलाई से लागू भी कर दिया गया है। केंद्र सरकार ने सातवें वेतन आयोग की सिफारिश को देखते हुए यह फैसला किया है।

इसके अलावा, केंद्र सरकार ने वर्तमान प्रणाली के तहत सभी कर्मचारियों के लिए विशेष ग्रेड वेतन के आधार पर ड्यूटी भत्ता को समाप्त कर दिया है। सातवें वेतन आयोग की सिफारिश को लागू करने से पहले केंद्रीय कर्मचारियों को केवल ग्रेड पे के आधार पर नाइट ड्यूटी भत्ता दिया गया था।

जिन मामलों में रात के वेटेज के आधार कार्य समय की गणना की गई है, इन मामलों में किसी भी मुआवजे का भुगतान नहीं किया जाएगा। रात की ड्यूटी के दौरान हर घंटे के लिए 10 मिनट का वेटेज दिया जाएगा। सरकार के अनुसार, केवल 10 बजे से सुबह 6 बजे के बीच किए गए काम को नाइट ड्यूटी माना जाएगा।

रात्रि युगल भत्ते के मूल वेतन के आधार पर एक छत तय की गई है। कार्मिक विभाग ने कहा, "रात ड्यूटी भत्ते के लिए मूल वेतन सीमा 43,600 रुपये प्रति माह तय की गई है"।

सरकार इस भत्ते का भुगतान प्रति घंटा के आधार पर करेगी, जो BP + DA / 200 के बराबर होगा। BP का अर्थ है मूल वेतन और DA का अर्थ है महंगाई भत्ता। इन दोनों की गणना सातवें वेतन आयोग के आधार पर की जाएगी। यह फॉर्मूला सभी मंत्रालयों और विभागों के कर्मचारियों पर लागू होगा। केंद्र सरकार हर कर्मचारी के मूल वेतन और रात्रि ड्यूटी के आधार पर रात्रि ड्यूटी भत्ते की राशि का भुगतान करेगी।

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